राजस्थान में सात करोड़ से अधिक ‘आभा’ आइडी बनीं, देश में दूसरे स्थान पर
राजस्थान में सात करोड़ से अधिक 'आभा' आइडी बनीं, देश में दूसरे स्थान पर
जयपुर, दो जून (भाषा) आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत राजस्थान में सात करोड़ से अधिक ‘आभा’ आईडी (पहचान पत्र) बनी हैं और इस लिहाज से वह देश में दूसरे स्थान पर है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार विशिष्ट ‘आभा’ (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) बनाने में राजस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है, उसने सात करोड़ 19 लाख से अधिक आभा आईडी बनाते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
देशभर में 2026 में इन खातों की संख्या ने 90 करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर लिया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में गांव-ढाणी से लेकर कस्बों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं एवं सुविधाओं में निरंतर विस्तार हो रहा है।
बयान के अनुसार इसी क्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसे तकनीकी नवाचार का सफल क्रियान्वयन करते हुए मरीजों का डेटा ‘यूनिक हेल्थ आभा आईडी’ के माध्यम से संग्रहित किया जा रहा है।फलस्वरूप उनके लिए अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करना आसान हुआ है और लोगों को अपना हेल्थ रिकॉर्ड मोबाइल पर उपलब्ध भी हो रहा है।
‘आभा’ एक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है, जो नागरिकों को उनकी सहमति से उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से जोड़ने, देखने और साझा करने में सक्षम बनाती है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एक ऐसा मंच है, जहां मरीज, डॉक्टर और अस्पताल एक-दूसरे से डिजिटल रूप से जुड़े होते हैं। योजना के तहत पंजीकृत नागरिक की एक 14 अंकों की यूनिक आभा ‘हेल्थ आईडी’ बनती है जो रोगी की पहचान और मेडिकल रिकार्ड का आधार होती है।
भाषा पृथ्वी राजकुमार
राजकुमार

Facebook


