पलानीस्वामी गुट ने विधानसभा अध्यक्ष से पार्टी के तीन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार न करने की अपील की

पलानीस्वामी गुट ने विधानसभा अध्यक्ष से पार्टी के तीन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार न करने की अपील की

पलानीस्वामी गुट ने विधानसभा अध्यक्ष से पार्टी के तीन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार न करने की अपील की
Modified Date: May 26, 2026 / 12:50 pm IST
Published Date: May 26, 2026 12:50 pm IST

चेन्नई, 26 मई (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख एडप्पडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले गुट ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष से तीन पार्टी विधायकों के इस्तीफे के पीछे कथित कानूनी और प्रक्रियात्मक खामियों का हवाला देते हुए उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं करने की अपील की। इस बीच, अन्नाद्रमुक के चौथे विधायक एसाकी सुबाया ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना त्यागपत्र सौंपा।

पार्टी का दावा है कि तीनों विधायक इस्तीफा अधिसूचित होने से पहले ही सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गए थे।

अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ ‘सचेतक’ अग्री एसएस कृष्णमूर्ति और राज्यसभा सदस्य आईएस इनबादुरई ने अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात की और इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।

कृष्णमूर्ति ने कहा कि विश्वास मत परीक्षण में सरकार के खिलाफ मतदान करने के पार्टी के आदेश का उल्लंघन करने वाले 25 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की उनकी पिछली याचिका अध्यक्ष के समक्ष लंबित है लेकिन वे संबंधित विधायकों का इस्तीफा स्वीकार नहीं कर सकते।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने पलानीस्वामी के विश्वास मत संबंधी आदेश का उल्लंघन करने के लिए दलबदल विरोधी कानून के तहत अन्नाद्रमुक के 25 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया था। अध्यक्ष ने कहा था कि यह मामला उनके विचाराधीन है। दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई के डर से तीनों विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। जब हमारी पिछली याचिका लंबित है, तो अध्यक्ष द्वारा उनके इस्तीफे स्वीकार करना नियमों का उल्लंघन है। हमने अन्नाद्रमुक की ओर से मंगलवार को एक याचिका दायर कर कहा कि उन्हें उनका (इस्तीफा देने वाले विधायकों का) इस्तीफा स्वीकार नहीं करना चाहिए।’’

उन्होंने दावा किया कि इस्तीफा देने के पांच मिनट के भीतर ही तीनों व्यक्तियों को ‘‘टीवीके सदस्यता कार्ड’’ दे दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘लोग पूछ रहे हैं कि यह सचिवालय है या टीवीके का मुख्यालय। अगर यह सरकार इस तरह के इस्तीफों को बढ़ावा देती है, तो विधायकों की खरीद-फरोख्त बढ़ जाएगी; सरकार को इसे रोकने के लिए आगे आना चाहिए।’’

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्वच्छ शासन का वादा किया था। वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया, ‘‘पिछले दरवाजे से अपना शासन स्थापित करने के लिए यह सरकार द्रुत गति से विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है।’’

अन्नाद्रमुक के अधिवक्ता शाखा के सचिव इनबादुराई ने कहा कि उनकी ओर से दलबदल विरोधी कानून के तहत बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है और यह याचिका अभी लंबित है। उन्होंने कहा, ‘‘कानूनी मुद्दा यह है कि ऐसी परिस्थितियों में अध्यक्ष उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर सकते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस्तीफे की अधिसूचना से पहले उन्होंने टीवीके के एक मंत्री से मुलाकात की… और देर शाम औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने का नाटक किया। फिर भी उनके इस्तीफे की अधिसूचना (सरकारी राजपत्र में) नहीं आई है। इसलिए हमने मांग की है कि उनका इस्तीफा स्वीकार न किया जाए।’’

दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग किए जाने पर विधायक इस्तीफा नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, ‘‘आप पिछले दरवाजे से बचकर नहीं निकल सकते।’’

बागी विधायकों में से तीन – मरगथम कुमारवेल, पी सत्यबामा और एस जयकुमार ने सोमवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और बाद में टीवीके में शामिल हो गए जबकि एसाकी सुबाया ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर मंगलवार को अपना त्यागपत्र सौंपा।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


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