कोच्चि, 14 जून (भाषा) केरल के एर्नाकुलम जिले में किझक्कंबलम के पास परियाथुकावु में बेदखली का सामना कर रहे दलित परिवारों से जुड़ा लंबे समय से जारी जमीन विवाद केरल सरकार की अगुवाई में हुई बातचीत के बाद सुलझ गया है और प्रभावित परिवारों को उसी स्थान पर पांच-पांच सेंट जमीन और एक-एक मकान दिए जाने पर सहमति बनी है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन की अध्यक्षता में शनिवार रात हुई अहम बैठक के बाद यह समाधान निकला। बैठक में प्रभावित परिवारों, जमीन मालिकों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बयान के अनुसार, बातचीत के दौरान बने सहमति फार्मूले को दोनों पक्षों ने स्वीकार कर लिया जिसके बाद आंदोलन समिति ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया।
यह विवाद उन कई दलित परिवारों से जुड़ा है जो दशकों से उस जमीन पर रह रहे हैं जिस पर निजी पक्षों ने मालिकाना हक का दावा किया है। मालिकाना दावों के आधार पर एक अदालत ने उन्हें बेदखल करने का आदेश दिया था जिसके बाद उनके पुनर्वास की मांग उठी और यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का कारण बन गया।
जॉन ने शनिवार देर रात हुई बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि अदालत के फैसले की पृष्ठभूमि में भूमि मालिकों और प्रभावित परिवारों-दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह समझौता किया गया।
उन्होंने कहा कि समझौते के तहत निवासियों को उसी संपत्ति में पांच-पांच सेंट जमीन दी जाएगी और वहां तक पहुंच मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार उनके लिए एक वर्ष के भीतर मकान बनाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि नए मकान बनने तक परिवारों को अपने मौजूदा घरों में रहने की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष दो दिन के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर करने पर सहमत हो गए हैं। यह समझौता 16 जून को महाधिवक्ता के माध्यम से केरल उच्च न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
मकान परियोजना पूरी होने तक समझौते के सुचारू क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुवत्तुपुझा के राजस्व प्रभागीय अधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक सहित अधिकारियों को सौंपी गई है।
आंदोलन समिति के प्रतिनिधियों ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि जमीन मालिकों के इस बात पर सहमत होने के बाद समाधान निकला कि परिवारों को उसी संपत्ति पर रहने दिया जाएगा और उन्हें पांच-पांच सेंट जमीन तथा मकान उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी घटनाओं के सिलसिले में दर्ज 15 से अधिक मामले वापस लेने का फैसला किया गया है।
बैठक में विधायक वी. पी. सजीन्द्रन, जिलाधिकारी जी. प्रियंका, एर्नाकुलम (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक सुंदरशन, अपर जिलाधिकारी के. मनोज और अन्य अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
भाषा सिम्मी शोभना
शोभना