भाजपा के लिए जनता ‘‘टैक्स और वसूली का जरिया’’ बनकर रह गई है : खरगे

भाजपा के लिए जनता ‘‘टैक्स और वसूली का जरिया’’ बनकर रह गई है : खरगे

भाजपा के लिए जनता ‘‘टैक्स और वसूली का जरिया’’ बनकर रह गई है : खरगे
Modified Date: June 27, 2026 / 04:11 pm IST
Published Date: June 27, 2026 4:11 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भाजपा जनता को केवल ‘‘टैक्स और वसूली का जरिया’’ मान रही है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जब पश्चिम एशिया में युद्ध जारी था, तब कच्चे तेल की कीमत 138 डॉलर प्रति बैरल थी और उस समय पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था।

उन्होंने दावा किया कि अब कच्चे तेल की कीमत घटकर 70.71 डॉलर प्रति बैरल रह गई है, लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि जब कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है, तो केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम कम क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पश्चिम एशिया में युद्ध का हवाला देकर भाजपा सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम दोगुना कर दिए थे, लेकिन आपूर्ति सामान्य होने के बावजूद कीमतों में कमी नहीं की जा रही है।

खरगे ने कहा कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर, प्रवासी श्रमिकों के उपयोग में आने वाले पांच किलोग्राम के छोटे सिलेंडर और सीएनजी की कीमतों में भी वृद्धि की गई है। उन्होंने सवाल किया कि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद भी सरकार कीमतों में कमी करने से क्यों बच रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब कच्चा तेल महंगा था, तब भी जनता ने उसका बोझ उठाया और अब कच्चा तेल सस्ता है, तब भी जनता ही इसकी कीमत चुका रही है।’’

खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए जनता केवल ‘‘टैक्स और वसूली का जरिया’’ बनकर रह गई है।

भाषा हक अविनाश

अविनाश


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