विपक्ष के अभियान के बावजूद बंगाल की जनता ने एसआईआर का समर्थन किया: अमित शाह
विपक्ष के अभियान के बावजूद बंगाल की जनता ने एसआईआर का समर्थन किया: अमित शाह
अहमदाबाद, 28 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्ष के अभियान के बावजूद, पश्चिम बंगाल की जनता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और इस सिद्धांत का भी समर्थन किया कि केवल भारतीय नागरिकों को ही वोट देने का अधिकार होना चाहिए।
अहमदाबाद के सोला इलाके में उमिया माताजी संस्थान द्वारा निर्मित एक छात्रावास परिसर का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी निर्वाचन आयोग द्वारा की गई एसआईआर प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की पहल की, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके सहयोगी दलों ने इसके खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाया। वे उच्चतम न्यायालय तक गए। लेकिन चुनावों में पश्चिम बंगाल की जनता ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे एसआईआर के साथ हैं।’’
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लोगों ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के अंतिम फैसले से यह साबित हो गया है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संवैधानिक रूप से सही था।
न्यायालय ने 25 मई को, एसआईआर के लिए निर्वाचन आयोग की शक्तियों को बरकरार रखा है।
शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने एक मूल सिद्धांत स्थापित किया है कि देश के भविष्य का फैसला करने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को होना चाहिए, न कि घुसपैठियों को।
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद घुसपैठ में भारी कमी आई है।
उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में (भाजपा के) मुख्यमंत्री ने हाल में शपथ ली है। पहले प्रतिदिन 5,000 से 10,000 घुसपैठिए आते थे। अब प्रतिदिन 5,000 से 10,000 घुसपैठिए वापस (बांग्लादेश) जाने लगे हैं।’’
मोदी सरकार के आंतरिक सुरक्षा संबंधी कार्यों पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मात्र 10 वर्षों में आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे आंतरिक खतरों को समाप्त कर दिया गया है। भाजपा सरकार ने 50 वर्षों से नासूर बने हुए नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल किया।’’
भाषा सुभाष माधव
माधव

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