उप्र में ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री के खिलाफ याचिका, न्यायालय ने राज्य सरकार का रुख करने को कहा

उप्र में ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री के खिलाफ याचिका, न्यायालय ने राज्य सरकार का रुख करने को कहा

उप्र में ट्रेटा पैक में शराब की बिक्री के खिलाफ याचिका, न्यायालय ने राज्य सरकार का रुख करने को कहा
Modified Date: April 16, 2026 / 12:58 pm IST
Published Date: April 16, 2026 12:58 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश में ‘टेट्रा पैक’ में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत राज्य सरकार के समक्ष रखने को कहा।

उत्तर प्रदेश ने हाल ही में नयी आबकारी नीति को मंजूरी दी है, जिसमें कई अहम बदलाव किए गए हैं। इनमें शराब और ‘भांग’ की दुकानों के आवंटन के लिए ई-लॉटरी प्रणाली लागू करना शामिल है। साथ ही यह भी घोषणा की गई है कि पहले कांच की बोतलों में बिकने वाली देशी शराब अब अनिवार्य रूप से टेट्रा पैक में बेची जाएगी, ताकि सुरक्षा बढ़ाई जा सके और मिलावट रोकी जा सके।

याचिकाकर्ता मीनाक्षी श्री तिवारी की ओर से पेश वकील अशोक पांडे ने भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष राज्य में टेट्रा पैक में शराब की बिक्री पर रोक लगाने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे टेट्रा पैक आसानी से शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच रहे हैं और वहां का माहौल खराब कर रहे हैं।

पांडे ने यह भी कहा कि शराब की इस तरह की बिक्री और सेवन अपराधों में वृद्धि के प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है।

बहरहाल, पीठ ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए इसे निस्तारित कर दिया और याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के समक्ष अपनी बात रखने की छूट दी, जिस पर संबंधित अधिकारी निर्णय लेंगे।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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