गैर-सिक्किमी पुरुषों से विवाह करने वाली महिलाओं के बच्चों के अधिकारों को लेकर दायर याचिका खारिज

गैर-सिक्किमी पुरुषों से विवाह करने वाली महिलाओं के बच्चों के अधिकारों को लेकर दायर याचिका खारिज

गैर-सिक्किमी पुरुषों से विवाह करने वाली महिलाओं के बच्चों के अधिकारों को लेकर दायर याचिका खारिज
Modified Date: April 12, 2026 / 08:57 pm IST
Published Date: April 12, 2026 8:57 pm IST

गंगटोक, 12 अप्रैल (भाषा) सिक्किम उच्च न्यायालय ने राज्य के बाहर के पुरुषों से विवाह करने वाली सिक्किमी महिलाओं के बच्चों के संपत्ति अधिकारों और पहचान प्रमाण पत्र (सीओआई) जारी करने पर लगे प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पिछले सप्ताह राज्य सरकार द्वारा 2018 में जारी उस अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका खारिज कर दी, जिसमें गैर-सिक्किमी पुरुषों से विवाह करने वाली सिक्किमी महिलाओं के बच्चों को पैतृक संपत्ति विरासत में पाने या सीओआई प्राप्त करने से रोक दिया गया था।

याचिकाकर्ताओं, पुष्पा मिश्रा और 100 से अधिक अन्य महिलाओं ने सिक्किम उच्च न्यायालय से राज्य सरकार को निर्देश जारी देने का अनुरोध भी किया था, ताकि उनके बच्चों को सीओआई प्राप्त करने की पात्रता, सरकारी रोजगार के अवसरों तक पहुंच और अचल संपत्ति पर उत्तराधिकार के अधिकार प्रदान किए जा सकें।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ये प्रतिबंध अनुच्छेद 14, 15, 16, 19 और 21 के तहत समानता और संरक्षण की संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन करते हैं।

हालांकि, न्यायमूर्ति राय ने याचिकाकर्ताओं की सभी दलीलों को खारिज कर दिया और फैसला सुनाया कि संविधान के अनुच्छेद 371एफ के तहत सिक्किम का विशेष संवैधानिक दर्जा राज्य पर लागू सभी विलय-पूर्व कानूनों की रक्षा करता रहेगा।

भाषा अमित सुभाष

सुभाष


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