प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली की वार्ता से रणनीतिक संबंध और मजबूत होने का विश्वास: जयशंकर

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली की वार्ता से रणनीतिक संबंध और मजबूत होने का विश्वास: जयशंकर

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली की वार्ता से रणनीतिक संबंध और मजबूत होने का विश्वास: जयशंकर
Modified Date: April 19, 2026 / 09:27 pm IST
Published Date: April 19, 2026 9:27 pm IST

नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मुलाकात की, जो भारत की यात्रा पर आये हुए हैं।

जयशंकर ने कहा कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता से दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिलेगी।

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ली के साथ अपनी मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।

जयशंकर ने लिखा, ‘‘भारत की राजकीय यात्रा पर आये दक्षिण कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मुलाकात का सौभाग्य प्राप्त हुआ। विभिन्न क्षेत्रों में भारत-कोरिया संबंधों को गहरा करने की उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी कल की वार्ता हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।’’

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने रविवार को भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा शुरू की। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, रक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों आदि क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति ली सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ पोत निर्माण, व्यापार, निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों और दोनों देशों के बीच संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेता पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री अतिथि के सम्मान में भोज का आयोजन करेंगे।

ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू उनके सम्मान में भोज का आयोजन करेंगी।

विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ली की यात्रा दोनों देशों की मौजूदा सहयोग क्षेत्रों को और मजबूत करने के साथ-साथ पारस्परिक हित के नये और उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने की साझा आकांक्षा को रेखांकित करती है।’

भारत-दक्षिण कोरिया के रणनीतिक संबंध पिछले कई वर्षों से मजबूत हुए हैं।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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