ट्रंप के फरमान का पालन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ईरान युद्ध से पहले इजराइल गए: राहुल
ट्रंप के फरमान का पालन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ईरान युद्ध से पहले इजराइल गए: राहुल
थूथुकोडी (तमिलनाडु), 20 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फरमान का पालन करते हुए ईरान युद्ध शुरू होने से पहले इजराइल का दौरा किया था।
राहुल ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा पर अपने इस आरोप को दोहराया कि ‘‘यदि ट्रंप उनसे कूदने के लिए कहेंगे तो पीएम मोदी ऐसा ही करेंगे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान युद्ध से पहले, अचानक मोदी को इजराइल जाने के लिए कहा गया और वह विमान में सवार हुए, वहां गए और फिर वापस आ गए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि ऐसा करने का कारण सीधा था, ‘‘एप्स्टीन फाइल और अदाणी।’’
केंद्र सरकार ने (जेफ्री) एप्स्टीन मामले की नवीनतम फाइल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदर्भों को एक दोषी अपराधी के तुच्छ विचार एवं कयास करार दिया और इसे सिरे से खारिज किये जाने योग्य बताया है।
राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुलेआम कहते हैं कि जब वह फोन करते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी फोन उठाते हैं और उन्हें ‘‘सर’’ कहकर संबोधित करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कल्पना कीजिए कि भारत के प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘सर’ कहकर संबोधित कर रहे हैं।’’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसी तरह, प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से अपेक्षा करते हैं कि वह उनके अधीन रहें और उन्हें ‘‘सर’’ कहकर संबोधित करें।
उन्होंने कहा कि हालांकि, मुख्यमंत्री (एम. के.) स्टालिन कभी भी मोदी को ‘‘सर’’ कहकर संबोधित नहीं करेंगे, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक का मुख्यमंत्री चाहते हैं ताकि वह फोन उठाकर कह सकें, ‘‘जी सर, मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं?’’
राहुल ने कहा कि भाजपा तमिलनाडु में ऐसी सरकार चाहती है जिस पर उसका पूर्ण नियंत्रण हो, एक ऐसा मुख्यमंत्री जो वही करे जैसा करने को कहा जाए।
भाजपा पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा, ‘‘उनके चाहे जो भी सपने हों, वे कभी भी तमिलनाडु की जनता या सरकार को नियंत्रित नहीं कर पाएंगे, और हम भाजपा को राज्य में ऐसी सरकार बनाने की अनुमति कभी नहीं देंगे जिसे वे नियंत्रित कर सकें।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर उनकी कुर्सी पर भाजपा नेता सम्राट चौधरी को आसीन कर दिया गया।
राहुल ने आरोप लगाया कि ‘‘नीतीश कुमार झुक गए,’’ इसलिए उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा और चुपचाप राज्यसभा चले गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के पुराने कृत्यों ने भाजपा को उन पर पूरी तरह नियंत्रण करने का मौका दे दिया और वे (भाजपा) बिहार की तरह ही तमिलनाडु में भी वही करना चाहते हैं।
आरएसएस-भाजपा पर हमला करते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि इन दोनों का मानना है कि भारत ‘‘एक लोग, एक संस्कृति, एक धर्म और एक भाषा’’ वाला देश होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस मूल रूप से ‘‘तमिल विरोधी, द्रविड़ विरोधी संगठन’’ है।
उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक में ऐसे महान नेता थे, जिन्होंने तमिलों की रक्षा की, और तमिलनाडु के लोगों की सेवा करने वाली पुरानी पार्टी (अन्नाद्रमुक) अब अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान अन्नाद्रमुक खोखली हो चुकी है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘लोगों की सेवा करने वाली पुरानी अन्नाद्रमुक खत्म हो चुकी है और उसका अंत हो चुका है।’’ उन्होंने दावा किया कि अन्नाद्रमुक नेताओं ने ‘‘अपने भ्रष्टाचार के कारण समझौता कर लिया है।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा, अन्नाद्रमुक के जरिए तमिलनाडु में घुसने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक के पास समर्पित कार्यकर्ता हैं, लेकिन पार्टी पर उनका नियंत्रण नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्नाद्रमुक को नियंत्रित करने वाले लोग पूरी तरह से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी के कब्जे में हैं।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश

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