नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि रेहड़ी-पटरी वालों की मदद के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने बिना गारंटी की ऋण सुविधा, वित्तीय समावेशन और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराकर असंख्य रेहड़ी-पटरी वालों का जीवन बदला है।
मोदी ने इस योजना के छह वर्ष पूरे होने पर यह भी कहा कि पीएम स्वनिधि भरोसे, गरिमा और सशक्तीकरण से जुड़ी योजना है।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज पीएम स्वनिधि के छह वर्ष पूरे हो गए। यह ऐसी योजना है, जिसने बिना गारंटी ऋण सुविधा, वित्तीय समावेशन और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराकर असंख्य रेहड़ी-पटरी वालों का जीवन बदला है। यह योजना भरोसे, गरिमा और सशक्तीकरण से जुड़ी है। उन सभी लाभार्थियों को मेरी शुभकामनाएं, जिनका संकल्प और जिनकी उद्यमशीलता हमारे देश की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है।’’
पीएम स्वनिधि केंद्र सरकार की योजना है जो रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को किफायती कार्यशील पूंजी, वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा उपायों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है।
पीएम स्वनिधि को कोरोनावायरस महामारी के दौरान शुरू किया गया था ताकि उन रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को किफायती कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जा सके जिनके व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए थे। यह रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं के लिए पहली समर्पित सूक्ष्म-ऋण योजना है। इसका उद्देश्य उनके कारोबार को विकसित करने में मदद करना और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है। रेहड़ी-पटरी वाले असंगठित कार्यबल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें अक्सर औपचारिक ऋण सुविधा तक सीमित पहुंच मिलती है।
यह योजना जून 2020 में शुरू की गई थी। इसे आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी के तहत लागू किया गया है।
पीएम स्वनिधि योजना के तहत 17,800 करोड़ रुपये से अधिक के 1.12 करोड़ से ज्यादा बिना गारंटी ऋण वितरित किए गए हैं। यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों के वित्तीय समावेशन और आर्थिक सशक्तीकरण की एक प्रमुख पहल के रूप में उभरी है।
इस योजना से शहरी भारत में 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिला है। इससे उन्हें औपचारिक ऋण सुविधा हासिल करने, डिजिटल भुगतान अपनाने और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त करने में मदद मिली है।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा