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Recession 2022: संभल नहीं पाएगा पूरा विश्व, भारत में है दम, रहेगा नंबर वन, जानें वजह

Recession 2022: कई सालों बाद पूरे फिर से पूरे विश्व में आर्थिक मंदी छाने लगी है। श्रीलंका समेत दुनिया के कई देश मंदी से भारी परेशान हैं।

Edited By: , July 4, 2022 / 05:15 PM IST

Recession 2022: कई सालों बाद पूरे फिर से पूरे विश्व में आर्थिक मंदी छाने लगी है। श्रीलंका, पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देश मंदी से भारी परेशान हैं। कोरोना महामारी, यूरोप में जारी लड़ाई और सप्लाई चेन की बाधाएं जैसी समस्याओं से जूझ रही ग्लोबल इकोनॉमी के ऊपर मंदी का खतरा पहले से हीं अधिक हो चुका है। इस बार मंदी का खतरा इस कदर गंभीर है कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क (Elon Musk) को भी इसका डर सता रहा है। अब ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा होल्डिंग्स ने भी इस खतरे को लेकर दुनिया को आगाह किया है।’>>*IBC24 News Channel के WhatsApp  ग्रुप से जुड़ने के लिए  यहां Click करें*<<

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नोमुरा ने एक ताजी रिपोर्ट में कहा है कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक्स महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ा रहे हैं। सेंट्रल बैंक्स नीतियों को काफी सख्त किए जा रहे हैं, भले ही इसका ग्लोबल ग्रोथ पर बुरा असर पड़े। उसने रिसर्च रिपोर्ट में कहा, ‘इस बात के संकेत बढ़ रहे हैं कि दुनिया की इकोनॉमी ग्रोथ की रफ्तार सुस्त पड़ने की दिशा में बढ़ रही है। इसका मतलब हुआ कि ग्रोथ के लिए अर्थव्यवस्थाएं अब निर्यात में सुधार आने की बात पर निश्चिंत नहीं रह सकती हैं। इन्हीं कारणों ने हमें एक से अधिक अर्थव्यवस्थाओं में मंदी का अनुमान जाहिर करने पर बाध्य किया है।’ अगले 12 महीने के भीतर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं मंदी की चपेट में आ जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, सख्त होती सरकारी नीतियां और जीवन-यापन की बढ़ती लागत ग्लोबल इकोनॉमी को मंदी की ओर धकेल रही है। नोमुरा की बात पर यकीन करें तो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका (US) के साथ-साथ यूरोपीय यूनियन के देश, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया , ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मंदी की चपेट में आ सकती हैं।

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भारत को नहीं छू पाएगी मंदी

एशियाई अर्थव्यस्थाओं की बात करें तो जापान के ऊपर भी मंदी का खतरा है। एशिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी जापान में मंदी की मार तुलनात्मक रूप से कम रह सकती है। जापान को पॉलिसी सपोर्ट और इकोनॉमिक रीओपनिंग में देरी से मदद मिल सकती है। वहीं एशिया की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी चीन (China) को लेकर नोमुरा का मानना है कि अनुकूल नीतियों के कारण यह देश मंदी की मार से बच सकता है। हालांकि चीन के ऊपर जीरो-कोविड स्ट्रेटजी के चलते कड़े लॉकडाउन का खतरा है। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज ग्रोथ रेट वाला देश भारत (India) भी मंदी की मार से अछूता रह सकता है। हालांकि ग्लोबल इकोनॉमी की मंदी के सीमित असर की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

 

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