प्रीति जिंटा ने दखल देने वाली पैपराजी संस्कृति की आलोचना की
प्रीति जिंटा ने दखल देने वाली पैपराजी संस्कृति की आलोचना की
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) अभिनेत्री प्रीति जिंटा का कहना है कि वह अंतर्मुखी स्वभाव की हैं और उन्हें दखल देने वाली पैपराजी संस्कृति से डर लगता है।
जिंटा ने सोमवार को अपने ‘एक्स’ हैंडल पर अपने प्रशंसकों के सवालों का जवाब दे रही थीं। इसी दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने पैपराजी को लेकर यह बयान दिया।
अभिनेत्री से सत्र के दौरान एक व्यक्ति ने पूछा कि यदि उन्हें शोहरत, निजता और मन की शांति में से किसी एक को चुनना पड़े, तो वह किसे चुनेंगी।
इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘कुछ भी त्याग नहीं है… मैंने चीजों को उनके वास्तविक स्वरूप में स्वीकार करना और अपेक्षाओं को संभालना सीख लिया है।’
उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत ही अंतर्मुखी हूं। मुझे अपने प्रशंसकों से बातचीत करना और उनके साथ तस्वीरें खिंचवा कर किसी को निराश न करना अच्छा लगता है, लेकिन साथ ही लोगों और मीडिया के साथ सीमाएं तय करना भी जरूरी है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे यह भी पसंद नहीं है कि पैपराजी मेरा पीछा करें या अचानक सामने आ जाएं। कभी-कभी यह डरावना होता है।’
अभिनेत्री ने कहा, ‘उन्हें कार्यक्रमों में फोटोग्राफर से कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि यह उनका काम है। लेकिन जब वे मेरे जिम के बाहर आ जाते हैं या मेरे घर के बाहर छिपे रहते हैं, तो यह बहुत ज्यादा हो जाता है।’
प्रीति ने कहा, ‘मैं कोई शिकायत नहीं कर रही, बस अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रही हूं।’
भाषा
प्रचेता अविनाश
अविनाश

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