सावन पर्व में भारी भीड़ की संभावना के मद्देनजर राम मंदिर में सुरक्षा इंतजाम बदलने की तैयारी

सावन पर्व में भारी भीड़ की संभावना के मद्देनजर राम मंदिर में सुरक्षा इंतजाम बदलने की तैयारी

सावन पर्व में भारी भीड़ की संभावना के मद्देनजर राम मंदिर में सुरक्षा इंतजाम बदलने की तैयारी
Modified Date: July 27, 2026 / 01:47 pm IST
Published Date: July 27, 2026 1:47 pm IST

अयोध्या (उप्र), 27 जुलाई (भाषा) अयोध्या में सावन झूला मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए, राम मंदिर में सुरक्षा और दर्शन की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के अनुसार, आठ से 11 अगस्त और 23 से 28 अगस्त के बीच आम श्रद्धालुओं के लिए बिना पास के मंदिर परिसर में प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है। अगर भीड़ बहुत ज्यादा हो जाती है, तो परकोटा में मौजूद सभी छह उप-मंदिरों में दर्शन भी कुछ समय के लिए रोके जा सकते हैं, साथ ही राम लला के दर्शन का समय बढ़ाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

प्रशासन का अनुमान है कि सावन के त्योहार के दौरान 10 से 15 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं। अगस्त के महीने में सामान्य दिनों में भी रोजाना दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

सूत्रों ने बताया कि सावन के दूसरे सोमवार, यानी 10 अगस्त को कांवड़ियों की सबसे ज्यादा भीड़ होने की उम्मीद है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, केवल पास धारकों को ही सप्त मंडपम और कुबेर नवरत्न टीला में प्रवेश की अनुमति होगी। अभी लागू सामान्य दर्शन व्यवस्था के तहत, 2-2 घंटे के अलग-अलग स्लॉट में 1,500 पास जारी किए जाते हैं। ये पास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के ज़रिए ऑनलाइन बनाए जाते हैं।

अयोध्या नगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने बताया कि त्योहार के दौरान सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पूरे इलाके में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था, तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था की जाएगी तथा अतिरिक्त पुलिस बल व पीएसी तैनात की जाएगी। उन्‍होंने बताया कि सरयू घाटों और प्रमुख मंदिरों – नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी और कनक भवन – पर भी सुरक्षा कड़ी की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विजय शंकर मिश्र ने कहा कि अभी के लिए व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन भीड़ के हिसाब से मार्ग परिवर्तन और अन्य प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।

अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सोमेन वर्मा की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठक पहले ही हो चुकी हैं, जबकि सुरक्षा का अंतिम रोडमैप ‘श्री राम जन्मभूमि सुरक्षा समन्वय समिति’ की बैठक में मंज़ूर किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने बताया कि राम मंदिर में रोजाना लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था करने की क्षमता है। अगर ज्यादा भीड़ जमा होती है, तो श्रद्धालुओं को तय रास्तों से चरणबद्ध तरीके से दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी।

भाषा सं आनन्द रंजन वैभव

वैभव


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