राष्ट्रपति मुर्मू जैसलमेर पहुंचीं, एलसीएच ‘प्रचंड’ से उड़ान भरेंगी

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राष्ट्रपति मुर्मू जैसलमेर पहुंचीं, एलसीएच ‘प्रचंड’ से उड़ान भरेंगी

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 10:21 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 10:21 PM IST

(परिवर्तित स्लग से तस्वीरों के साथ जारी)

जैसलमेर, 26 फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राजस्थान दौरे में शुक्रवार सुबह जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर, स्वदेश में निर्मित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड’ से उड़ान भरेंगी।

मुर्मू बृहस्पतिवार शाम जैसलमेर पहुंचीं, जहां राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनका स्वागत किया।

वायुसेना स्टेशन पर औपचारिक स्वागत के बाद राष्ट्रपति का काफिला आर्मी स्टेशन पहुंचा। तय कार्यक्रम के अनुसार, वह रातभर जैसलमेर आर्मी स्टेशन में ठहरेंगी। वह शुक्रवार शाम को वायुशक्ति अभ्यास के तहत पोकरण रेंज में भारतीय वायु सेना के मारक क्षमता प्रदर्शन को देखेंगी।

राष्ट्रपति के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित किया गया है। पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।

शुक्रवार को राष्ट्रपति प्रचंड में उड़ान भरेंगी और उसके बाद अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगी।

एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है। यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी थी।

शुक्रवार शाम को राष्ट्रपति पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति’ में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है।

मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं।

अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी।

भाषा बाकोलिया

सिम्मी

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