राष्ट्रपति का संबोधन संवैधानिक आदर्शों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है: प्रधानमंत्री

राष्ट्रपति का संबोधन संवैधानिक आदर्शों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है: प्रधानमंत्री

राष्ट्रपति का संबोधन संवैधानिक आदर्शों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है: प्रधानमंत्री
Modified Date: January 25, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: January 25, 2026 9:12 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन प्रत्येक नागरिक को लोकतंत्र को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए प्रेरित करता है।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति जी ने एक बहुत ही प्रेरणादायक भाषण दिया। उन्होंने हमारे संविधान की विशिष्टता पर सही ढंग से जोर दिया और उस सामूहिक भावना की सराहना की जिसने हमारे राष्ट्र को आगे बढ़ाया है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का संबोधन प्रत्येक नागरिक को लोकतंत्र को मजबूत करने, संवैधानिक आदर्शों को बनाए रखने और एक विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए प्रेरित करता है।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान विश्व इतिहास के सबसे बड़े गणराज्य का मूलभूत दस्तावेज है।

मुर्मू ने कहा, “हमारे संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्श हमारे गणतंत्र को परिभाषित करते हैं। संविधान निर्माताओं ने संवैधानिक प्रावधानों के माध्यम से राष्ट्रवाद की भावना और देश की एकता के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया है।’

भाषा

नोमान नरेश

नरेश


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