प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी द्विपक्षीय संबंधों के लिए रूपरेखा तैयार करेंगे

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प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी द्विपक्षीय संबंधों के लिए रूपरेखा तैयार करेंगे

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 05:31 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 05:31 PM IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच अगले सप्ताह होने वाली वार्ता दोनों देशों के बीच भविष्योन्मुखी साझेदारी को आगे बढ़ाने का एक अवसर प्रदान करेगी।

कार्नी शुक्रवार से भारत की चार दिवसीय यात्रा पर रहेंगे, जो प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा होगी।

इस यात्रा का उद्देश्य मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों को नयी गति प्रदान करना है। वर्ष 2023 में कनाडा में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर हुए राजनयिक विवाद के बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था।

ऐसी जानकारी है कि मार्क कार्नी और नरेन्द्र मोदी के बीच वार्ता में व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी पर प्रमुख रूप से जोर रहेगा।

कनाडा के प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव मुंबई होगा, जहां वह विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे और शीर्ष भारतीय एवं कनाडाई कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों, आर्थिक विशेषज्ञों और नवोन्मेषकों के साथ बातचीत करेंगे।

कार्नी रविवार को नयी दिल्ली पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री मोदी एवं कार्नी के बीच सोमवार को व्यापक वार्ता होगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक हासिल की गई प्रगति की समीक्षा करेंगे, जो पिछले साल जून में कनानास्किस और पिछले साल नवंबर में जोहानिसबर्ग में हुई उनकी पिछली बैठकों पर आधारित होगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘वे व्यापार और निवेश; ऊर्जा; महत्वपूर्ण खनिज; कृषि; शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार; और दोनों देशों के बीच संबंधों सहित प्रमुख क्षेत्रों में जारी सहयोग की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’

दोनों देशों के प्रधानमंत्री सोमवार को भारत-कनाडा सीईओ फोरम में भी भाग लेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह दौरा सामान्य होते भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण चरण पर हो रहा है।’’

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘दोनों देशों के प्रधानमंत्री पहले ही एक रचनात्मक और संतुलित साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त कर चुके हैं, जो एक-दूसरे की चिंताओं और संवेदनशील मुद्दों पर पारस्परिक सम्मान, मजबूत जन-संबंधों और बढ़ती आर्थिक परस्पर पूरकता पर आधारित होगी।’’

बयान के अनुसार, ‘‘दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली यह आगामी बैठक भारत तथा कनाडा के मध्य एक दूरदर्शी साझेदारी के निर्माण में सकारात्मक प्रगति तथा साझा दृष्टिकोण की पुष्टि करने का अवसर प्रदान करेगी।’’

पिछले कुछ महीनों में, भारत और कनाडा ने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

वर्ष 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संभावित भारतीय संलिप्तता के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद भारत-कनाडा संबंध बेहद खराब स्थिति में पहुंच गए थे। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को ‘बेतुका’ बताकर खारिज कर दिया था।

अक्टूबर 2024 में, भारत ने अपने उच्चायुक्त एवं पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था जब ओटावा ने उन्हें निज्जर मामले से जोड़ने का प्रयास किया था। भारत ने उतने ही कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित भी कर दिया था।

हालांकि, पिछले साल अप्रैल में संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता कार्नी की जीत ने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की प्रक्रिया शुरू करने में मदद की।

इसके बाद, दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में अपने उच्चायुक्तों की नियुक्ति कर दी है।

पिछले साल जून में, मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा के कनानास्किस गए थे। शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और कार्नी ने संबंधों को फिर से मजबूत करने पर केंद्रित व्यापक वार्ता की थी।

भाषा अमित रंजन

रंजन