एआई सम्मेलन में प्रदर्शन: पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के गिरफ्तार सदस्यों पर दंगे का आरोप भी लगाया

एआई सम्मेलन में प्रदर्शन: पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के गिरफ्तार सदस्यों पर दंगे का आरोप भी लगाया

एआई सम्मेलन में प्रदर्शन: पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के गिरफ्तार सदस्यों पर दंगे का आरोप भी लगाया
Modified Date: February 24, 2026 / 04:49 pm IST
Published Date: February 24, 2026 4:49 pm IST

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह यहां ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान कमीज़ उतार कर किए गए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के सदस्यों के खिलाफ दंगा करने का आरोप भी दर्ज किया है।

आईवाईसी के अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत संगठन के अब तक आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(1) (दंगा) और 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना – यदि दंगा किया जाता है; यदि नहीं किया जाता है) जोड़ी गई है।

विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध और पुलिस प्रबंधन एवं मीडिया प्रकोष्ठ) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में आरोपियों को ‘आक्रामक तत्व’ करार दिया और कहा कि 20 फरवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, प्रतिनिधियों और आगंतुकों की उपस्थिति में सुरक्षा घेरा भंग करने की पूर्वनियोजित कोशिश देखी गई।

उन्होंने कहा, “आक्रामक तत्वों को तुरंत काबू में कर लिया गया। उन्हें काबू में करते समय, ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं।”

श्रीवास्तव ने कहा कि जांच के दौरान, कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कई व्यक्तियों को देखा गया।

विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा, ‘कई अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता का भी पता चला है, जो इस कृत्य को अंजाम देने में आक्रामक तत्वों की कथित तौर पर विभिन्न तरीकों से सहायता कर रहे थे।’

उन्होंने कहा कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है और छापेमारी की जा रही है।

श्रीवास्तव ने कहा, “जांच के दौरान, बीएनएस की धारा 191(1) और 192 भी जोड़ी गई हैं। अब तक की जांच के आधार पर यह सामने आया है कि अपराध एक गहरी साजिश के तहत किया गया था, और इस संबंध में पर्याप्त सबूत प्राप्त किए गए हैं।”

उन्होंने कहा कि मामले में बहु-राज्यीय पृष्ठिभूमि, आरोपियों के बीच निहित वित्तीय और लॉजिस्टिकल नेटवर्क और मामले की व्यापक जांच की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, आगे की तफ्तीश को अपराध शाखा के अंतर-राज्यीय प्रकोष्ठ को स्थानांतरित कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव विरोधी हानिकारक कृत्य) और 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक बयान) शामिल हैं, जिनमें तीन साल तक की कैद का प्रावधान है।

आपराधिक साजिश, लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालना, लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा, गैरकानूनी सभा और साझा मंशा के आरोप पहले ही प्राथमिकी में जोड़ दिए गए थे।

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को सम्मेलन स्थल के हॉल नंबर 5 के अंदर कमीज उतारकर और सरकार तथा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपी हुई टी-शर्ट हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश के वास्ते क्यूआर कोड प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था।

इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे ‘‘वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य’’ बताया, जबकि भारतीय युवा कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया ‘‘शांतिपूर्ण’’ प्रदर्शन बताकर इसका बचाव किया।

भाषा नोमान नोमान वैभव

वैभव


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