खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में प्रदर्शन, लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए
खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में प्रदर्शन, लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए
(तस्वीरों सहित)
श्रीनगर, दो मार्च (भाषा) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर के कई हिस्सों में सोमवार को विरोध प्रदर्शन के कारण प्राधिकारियों ने लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया और मोबाइल इंटरनेट की गति धीमी कर दी।
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में रविवार को खामेनेई की मौत हो गई, जिसके विरोध में कश्मीर घाटी में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन हो रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, शहर के बेमिना, गुंड हसीभट और जहांगीर चौक इलाकों में तथा दक्षिण कश्मीर के पुलवामा कस्बे में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे।
शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हुए। उन्होंने सड़कों पर मार्च किया और अमेरिका तथा इजराइल के विरोध में नारेबाजी की।
कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया।
विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए कश्मीर के कुछ हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदियां लगा दी गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लाल चौक स्थित प्रतिष्ठित घंटाघर को चारों ओर अवरोधक लगाकर सील कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों के जमावड़े को रोकने के लिए शहर भर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मियों को तैनात किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर ये प्रतिबंध लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि शहर में प्रवेश करने वाले महत्वपूर्ण चौराहों पर कंटीले तार और अवरोधक लगाए गए हैं।
घाटी के अन्य जिलों में शिया बहुल क्षेत्रों में भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं।
ये प्रतिबंध मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक द्वारा दिए गए एक दिवसीय हड़ताल के आह्वान के मद्देनजर लगाए गए हैं।
मीरवाइज ने कहा, ‘‘हम लोगों से आग्रह करते हैं कि वे एकता और शांति के साथ इसमें शामिल हों।’’
विपक्षी पीपुल्स डेमोकेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती सहित कई राजनीतिक दलों ने एमएमयू की हड़ताल के आह्वान का समर्थन किया।
महबूबा ने कहा, ‘‘ईरान के सर्वोच्च नेता की शहादत पर मीरवाइज उमर फारूक द्वारा किए गए बंद के आह्वान के प्रति हम अपना पूर्ण समर्थन और एकजुटता व्यक्त करते हैं। यह शोक का दिन है, जो दुनिया को याद दिलाता है कि कहीं भी होने वाला अन्याय संपूर्ण मुस्लिम समुदाय और सत्य के लिए खड़े सभी लोगों को आहत करता है।’’
अधिकारियों ने छात्रों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर निजी स्कूलों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया है।
कश्मीर में लगभग 15 लाख शिया रहते हैं और यहां रविवार को लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपुरा, अनंतनाग तथा पुलवामा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।
भाषा यासिर दिलीप
दिलीप

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