जनप्रतिनिधि तकनीक से दूरी नहीं बना सकते, नई तकनीकों को समझना उनकी जिम्मेदारी: राजीव चंद्रशेखर

जनप्रतिनिधि तकनीक से दूरी नहीं बना सकते, नई तकनीकों को समझना उनकी जिम्मेदारी: राजीव चंद्रशेखर

जनप्रतिनिधि तकनीक से दूरी नहीं बना सकते, नई तकनीकों को समझना उनकी जिम्मेदारी: राजीव चंद्रशेखर
Modified Date: June 22, 2026 / 11:47 am IST
Published Date: June 22, 2026 11:47 am IST

तिरुवनंतपुरम, 22 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि तकनीकी जानकारी के अभाव का हवाला देकर खुद को तकनीक से अलग नहीं रख सकते और ऐसा रवैया विनम्रता नहीं बल्कि गैर-जिम्मेदारी का परिचायक है।

हाल में केरल विधानसभा में आयोजित ई-विधानसभा (ई-लेजिस्लेचर) संबंधी एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में नेमोम से विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि विधायकों का कर्तव्य है कि वे नई और उभरती प्रौद्योगिकियों को सीखें तथा उन्हें समझें।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन जनप्रतिनिधियों के रवैये को विनम्रता नहीं मान सकता जो यह कहकर किनारा कर लेते हैं कि वे तकनीक को नहीं समझते। यह विनम्रता नहीं बल्कि गैर-जिम्मेदारी है। नए घटनाक्रमों को सीखने और समझने का प्रयास करना एक विधायक का दायित्व है।’’

चंद्रशेखर ने कहा कि शासन प्रणाली केवल डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं रही है, बल्कि अब वह इससे आगे बढ़कर ‘इंटेलिजेंट गवर्नेंस’ के युग में प्रवेश कर चुकी है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह वह दौर है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आंकड़ों पर आधारित प्रणालियां नीतिगत निर्णयों, शासन व्यवस्था और जनसेवाओं की आपूर्ति के तरीके को बदल रही हैं।’’

भाजपा नेता के अनुसार, ऐसी तकनीकों को समझना और उनका प्रभावी उपयोग करना जनप्रतिनिधियों के लिए व्यक्तिगत पसंद का विषय नहीं, बल्कि जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित, पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन व्यवस्था के माध्यम से ही विकसित केरल का निर्माण किया जा सकता है।

चंद्रशेखर ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और शासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को तकनीकी बदलावों के साथ कदम मिलाकर चलना होगा।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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