रघुवर दास ने परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी
रघुवर दास ने परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी
रांची, 12 अगस्त (भाषा) झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश एक सप्ताह के भीतर नहीं की तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हजारों छात्र पिछले 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।
ओडिशा के राज्यपाल भी रह चुके दास ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यदि राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है तो मैं यहां भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होऊंगा।’’
भाजपा नेता ने झामुमो नीत सरकार पर राज्य के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार पाक-साफ है और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है, तो उसे अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश करनी चाहिए। अन्यथा झारखंड की जनता मानेगी कि इन अनियमितताओं में शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता है।’’
दास ने आरोप लगाया कि झामुमो नीत शासन में पिछले छह वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर भर्ती घोटाले हुए हैं। उन्होंने 2024 में आबकारी सिपाही भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले 19 लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की भी मांग की।
वर्ष 2024 में भर्ती अभियान के तहत शारीरिक परीक्षा देते समय 15 से अधिक अभ्यर्थियों की मौत हुई थी।
भाजपा इन मौतों को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधती रही है और इसको लेकर प्रशासन पर कुप्रबंधन और लापरवाही के आरोप लगाती रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि रांची जिला प्रशासन ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों को जबरन हटाने का प्रयास किया, जहां वे भर्ती परीक्षाओं में ‘‘अनियमितताओं’’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रशासनिक अधिकारियों को आगाह करता हूं कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन आपको अपने करियर की चिंता करनी चाहिए। आपका करियर भारत सरकार और गृह मंत्रालय से जुड़ा है और आपको झारखंड में करदाताओं के पैसे से वेतन मिलता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं कल इन अधिकारियों द्वारा अपनाई गई दबाव की रणनीति की कड़ी निंदा करता हूं, जिसका उद्देश्य छात्रों का मनोबल तोड़ना और उन्हें प्रदर्शन समाप्त करने के लिए मजबूर करना था।’’
दास ने कहा कि इस आंदोलन को राज्य के चार करोड़ लोगों का समर्थन हासिल है और सरकार को अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि जो लोग उसे सत्ता में लाते हैं, वे उसे सत्ता से हटा भी सकते हैं।
भाषा अमित पवनेश
पवनेश

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