छात्रों पर हिंसा की जवाबदेही तय हो, अमित शाह इस्तीफा दें: राहुल

छात्रों पर हिंसा की जवाबदेही तय हो, अमित शाह इस्तीफा दें: राहुल

छात्रों पर हिंसा की जवाबदेही तय हो, अमित शाह इस्तीफा दें: राहुल
Modified Date: August 10, 2026 / 09:30 am IST
Published Date: August 10, 2026 9:30 am IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित हिंसा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए सोमवार को उनके इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि अपनी ‘केंद्रीकृत नियंत्रण’ वाली व्यवस्था पर गर्व करने वाली सरकार में जवाबदेही भी उच्च स्तर पर तय होनी चाहिए।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने अंग्रेजी दैनिक ‘द हिंदू’ के लिए लिखे एक लेख में आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस के गोले, कील लगे डंडों और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।

गांधी ने 19 वर्षीय साहिल लोचब का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उसके शरीर के ऊपरी हिस्से में छर्रे लगे और एक छर्रा उसकी आंख में लगने से उसकी रोशनी जाने की आशंका है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने युवा महिलाओं पर भी लाठियां बरसाईं और नाबालिग प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की गई।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘इस अवैध और असंवैधानिक हिंसा के लिये आदेश किसने दिया था?’’

गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन हैं और यह घटना संसद से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई।

उन्होंने लिखा कि मौजूदा सरकार केंद्रीकृत नियंत्रण पर गर्व करती है और ऐसे में इस घटना की जिम्मेदारी गृह मंत्री के स्तर से तय होनी चाहिए।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मंगल मिशन से लेकर ओलंपिक पदक तक का श्रेय लेने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री शाह की अनुमति के बिना इस सरकार में कुछ नहीं होता है।

उनके अनुसार, यदि शाह ने कार्रवाई को मंजूरी दी थी तो वह इसके लिए दोषी हैं और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह उनकी अक्षमता है।

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘दोनों ही परिस्थितियों में गृह मंत्री के तौर पर शाह को इस्तीफा देना चाहिए।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने घटना की जांच के आदेश नहीं दिए और गृह मंत्री ने संसद में भी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दी।

उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की ओर से चर्चा की मांग वाले प्रस्तावों को लगातार खारिज किया गया।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं के आंदोलन को दबाने के लिए प्राथमिकी, हिरासत और सोशल मीडिया के जरिए डर का माहौल बनाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं को प्रदर्शन के लिए ‘‘माफ करने’’ वाला वीडियो जारी करना भी अपने आप में विडंबनापूर्ण है।

उन्होंने कहा कि देश के युवा जाग चुके हैं और सरकार को अपने कदमों के लिए जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।

भाषा हक रंजन सुरभि

सुरभि


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