राहुल गांधी ने राष्ट्रपति भवन में ‘गमोसा’ धारण नहीं कर पूर्वोत्तर का ‘अपमान’ किया : भाजपा
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति भवन में 'गमोसा' धारण नहीं कर पूर्वोत्तर का 'अपमान' किया : भाजपा
नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में सभी मेहमानों को दिया गया असमिया ‘गमोसा’ पहनने से राहुल गांधी के कथित इनकार करने को लेकर सोमवार को एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने पूर्वोत्तर का अपमान किया है।
भाजपा ने सोमवार को यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘गमोसा’ नहीं पहन कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति भी अनादर दिखाया। वहीं, कांग्रेस ने यह कहकर पलटवार किया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ‘पटका’ नहीं पहना था।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पारंपरिक पटका पहनने से कथित तौर पर इनकार करने को लेकर ‘बिना शर्त’ माफी की मांग की।
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया, जब मीडिया के एक वर्ग ने दावा किया कि गांधी को छोड़कर सभी मेहमानों ने कार्यक्रम में उन्हें भेंट किया गया ‘गमोसा’ पहना था।
मीडिया की कुछ खबरों का हवाला देते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘शर्मनाक! राहुल गांधी ने पूर्वोत्तर का अपमान किया और माननीय राष्ट्रपति का भी अनादर किया।’
शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि पूर्वोत्तर भारत के लोगों के प्रति घोर असंवेदनशील और अपमानजनक व्यवहार करते हुए, राहुल गांधी ने आज शाम राष्ट्रपति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक पारंपरिक पटका नहीं पहना।
पटका, मणिपुर का पारंपरिक ‘स्कार्फ’ है।
शर्मा ने कहा, ‘‘समय बदल सकता है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के सर्वोच्च नेता राहुल गांधी का रवैया अफसोसजनक रूप से अपरिवर्तित नजर आ रहा है… राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से लेकर विदेशी गणमान्य व्यक्तियों तक, सभी ने सम्मान और गर्व के साथ पटका पहना। केवल राहुल गांधी ने ही इससे दूरी बनाई, जिससे पूर्वोत्तर के प्रति उपेक्षा की भावना और मजबूत हुई।’’
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आचरण से ही उनकी पार्टी (कांग्रेस) से ‘क्षेत्र और देश के बड़े हिस्से का विश्वास खो जाने’ की बात स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी, यह बार-बार होने वाली असंवेदनशीलता जारी है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राहुल गांधी को इसके लिए पूर्वोत्तर के लोगों से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। क्षेत्र के लोग सम्मान के पात्र हैं।’’
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तस्वीर पोस्ट की और असम के मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वह सिंह से पटका न पहनने के लिए भी माफी की मांग करेंगे।
खेड़ा ने अपने पोस्ट में सिंह और शर्मा दोनों को टैग करते हुए कहा, ‘‘ हिमंत विश्व शर्मा क्या आप राजनाथ सिंह से भी माफी मांगने के लिए कहेंगे? या सत्ता विरोधी लहर से निपटने की आपकी पूरी रणनीति ऐसे बेतुके मुद्दों को उठाना है?’
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी इस मुद्दे पर भाजपा की आलोचना की और असम के मुख्यमंत्री से पूछा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर का पटका क्यों नहीं पहना।
इससे पहले, कांग्रेस ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं क्रमश: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह के दौरान उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाया गया।
कांग्रेस के कई नेताओं ने समारोह के दौरान, अपने नेताओं को पीछे की पंक्तियों में बैठाए जाने की तस्वीरें साझा करते हुए प्रोटोकॉल के उल्लंघन और बर्ताव पर सवाल उठाए।
इसपर पलटवार करते हुए पूनावाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने गांधी परिवार के ‘अधिकार और अहंकार’ के साथ-साथ ‘परिवार और पद’ को जनता से ऊपर रखा है।
भाजपा प्रवक्ता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “वे ‘संविधान तंत्र’ से ऊपर ‘परिवार तंत्र’ को मानते हैं। बैठने की व्यवस्था तय प्रोटोकॉल के अनुसार होती है। राहुल गांधी के आसपास या उनके पीछे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी दिखे, लेकिन किसी ने इसे मुद्दा नहीं बनाया।”
पूनावाला ने पूछा, ‘‘राहुल को लगता है कि वह भारत के मालिक हैं? वैसे, वह महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में क्यों नहीं आते? उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में वह कहां थे? प्रधान न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में? स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में?’
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर गणतंत्र दिवस समारोह में, बैठने की व्यवस्था का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘गणतंत्र दिवस पर बैठने की व्यवस्था को भी राजनीतिक रंग देना कांग्रेस के लिए शर्मनाक है।’’
भाषा शोभना सुभाष
सुभाष


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