राहुल गांधी ओबीसी अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन ओबीसी नेताओं को आगे नहीं बढ़ाते: भाजपा
राहुल गांधी ओबीसी अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन ओबीसी नेताओं को आगे नहीं बढ़ाते: भाजपा
नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) भाजपा ने बृहस्पतिवार को ओबीसी प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला करते हुए उन्हें ‘‘पाखंडी’’ बताया और कहा कि वह जाति जनगणना तथा ओबीसी अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन ओबीसी नेताओं को उच्च पदों पर पदोन्नत नहीं करते।
यह टिप्पणी सिद्धरमैया के कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और डी के शिवकुमार के इस भूमिका को संभालने की संभावना के बीच आई है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो संदेश में दावा किया कि वी डी सतीशन, सुखविंदर सिंह सुक्खू और रेवंत रेड्डी सहित कई कांग्रेस नेता ओबीसी समुदाय से संबंधित नहीं हैं।
पूनावाला ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने कहा है कि अधिकार जनसंख्या के अनुपात में होने चाहिए और उन्होंने जातिगत मुद्दों पर बार-बार चर्चा की है। हालांकि, उनके सिद्धांत हाथी के दांतों की तरह हैं – खाने के और, दिखाने के और। वह पाखंडी हैं, कहते कुछ हैं तथा करते कुछ और हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार के सिद्धरमैया की जगह लेने का मतलब है कि कांग्रेस शासित राज्यों में ‘‘कोई ओबीसी मुख्यमंत्री नहीं होगा’’।
पूनावाला ने पूछा, ‘‘केरल में सतीशन जी; हिमाचल प्रदेश में सुक्खू जी; तेलंगाना में रेवंत रेड्डी जी (मुख्यमंत्री हैं); और कर्नाटक में आपने सिद्धरमैया जी को हटा दिया है। तो फिर ओबीसी प्रतिनिधित्व कहां है?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि जाति को लेकर कांग्रेस पार्टी के सिद्धांतों और व्यवहारिकता में कोई तालमेल नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह प्रथम परिवार के आरजीएफ ट्रस्ट या कांग्रेस कार्य समिति में भी नहीं दिखता। इसके विपरीत, भाजपा ने एक ओबीसी नेता को प्रधानमंत्री बनाया है, जो वर्तमान में अपना तीसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। यह कांग्रेस और भाजपा के बीच के अंतर को उजागर करता है।’’
कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग के नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए पूनावाला ने कहा कि पार्टी ‘‘केवल विभाजन पैदा करने की कोशिश करती है लेकिन कभी अपनी कथनी और करनी में समानता नहीं रखती’’, तथा उसने सीताराम केसरी और बी आर आंबेडकर जैसे नेताओं का भी अपमान किया था।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अनुच्छेद 370 या मुस्लिम आरक्षण को लागू करने की वकालत करके वे आंबेडकर जी के सिद्धांतों के खिलाफ जा रहे हैं। वे वास्तव में ओबीसी विरोधी और पिछड़ा वर्ग विरोधी हैं।’’
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश

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