राजस्थान: कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी के बीच विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित

राजस्थान: कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी के बीच विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित

राजस्थान: कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी के बीच विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित
Modified Date: February 27, 2026 / 12:16 am IST
Published Date: February 27, 2026 12:16 am IST

जयपुर, 26 फरवरी (भाषा) राजस्थान विधानसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायकों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के एक उत्तर पर असंतोष जताते हुए हंगामा किया जिसके फलस्वरूप सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

वहीं, शाम को कांग्रेस के विधायक श्रवण कुमार के बोलने की मंजूरी रद्द करने के मामले पर जमकर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ी और कांग्रेस के विधायकों ने कार्यवाही का बहिष्कार किया।

शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सीकर जिले में खेल मैदान से जुड़ा एक मुद्दा उठाया। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री दिलावर ने मामले में सरकार का पक्ष रखा।

उन्होंने कहा,‘‘आखिर में उसी जमीन पर आपकी क्यों निगाह है? क्या आपके मिलने वाले (आपके परिचित) उस जमीन पर कब्जा तो नहीं करना चाहते?’’

पारीक ने शिक्षा मंत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा,‘‘मुझे खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि शिक्षा मंत्री मानसिक रूप से भ्रमित हैं। मानसिक रूप से भ्रमित नहीं होने वाला व्यक्ति यदि इस तरह का जवाब देता है तो मुझे बहुत खेद है।’’

इसके बाद पारीक एवं विपक्षी कांग्रेस के विधायकों ने शिक्षा मंत्री के उत्तर पर असंतोष जताया। उन्होंने आसन के समीप आकर शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। इस पर अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

सदन के दोबारा बैठने पर अन्य विधायी कार्य हुए।

वहीं शाम में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार के बोलने की मंजूरी रद्द किए जाने को लेकर विपक्षी दल के विधायकों ने हंगामा किया। भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को पुन: आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।

दरअसल सभापति ने विधायक श्रवण कुमार को अनुदान मांगों पर बोलने की अनुमति दी। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सदन में आए और उन्हें बोलने से रोकते हुए कहा कि मैंने आपको बोलने से पहले ही मना दिया था। अध्यक्ष ने कहा कि यह उनके आदेशों की अवहेलना है जिसे वह सहन नहीं करेंगे।

बाद में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने व्यवस्था के प्रश्न के तहत इस मुद्दे को उठाया और विधायक श्रवण कुमार के बोलने की अनुमति वापस लेने को गलत बताते हुए इसे विधायक का अपमान बताया। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति जताई।

इसे लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच तीखी नोक झोंक हुई। कांग्रेस के विधायकों ने नारेबाजी की जिसके बीच सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर नाराज कांग्रेस विधायकों ने कार्यवाही का बहिष्कार किया।

भाषा पृथ्वी सिम्मी

सिम्मी


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