राजस्थान सरकार सैनिक कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही : मुख्यमंत्री शर्मा

राजस्थान सरकार सैनिक कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही : मुख्यमंत्री शर्मा

राजस्थान सरकार सैनिक कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही : मुख्यमंत्री शर्मा
Modified Date: April 22, 2026 / 05:22 pm IST
Published Date: April 22, 2026 5:22 pm IST

जयपुर, 22 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार सैनिक कल्याण के लिए सजग होकर निरन्तर काम कर रही है और उसने सैनिक के लिए कई कदम उठाए है।

शर्मा चूरू में लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की मूर्ति अनावरण करने और इस अवसर पर ‘शौर्य के साथ संकल्प दिवस’ नाम से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘युद्ध स्मारक’ का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘राजस्थान वीरों एवं रणबांकुरों की धरती है। यहां के सपूतों ने अनेक युद्धों में वीरता एवं शौर्य का परिचय दिया है।’’

मुख्यमंत्री ने लेफ्टिनेंट जनरल राठौड़ को नमन करते हुए कहा कि वीर भूमि के इस सपूत ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पण कर साहस का अप्रतिम उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि ‘‘इन युगपुरुषों से युवाओं को दिशा मिलती है तथा इनकी शौर्य गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का काम करेंगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘हमारी सरकार सैनिक कल्याण के लिए सजग होकर निरन्तर कार्य कर रही है। डीडवाना-कुचामन में राजस्थान के पहले एकीकृत सैनिक कल्याण परिसर की स्थापना की तथा नवीन जिला सैनिक कल्याण कार्यालय खोले जा रहे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों को मिलने वाली पेंशन में बढ़ोतरी सहित विभिन्न कदम सैनिक हित में उठाए गए हैं।’’

शर्मा ने कहा कि हमारी ‘डबल इंजन’ की सरकार पिछले सवा दो साल में राजस्थान के विकास का ‘रोडमैप’ बनाकर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने ‘संकल्प पत्र’ के 74 प्रतिशत वादे पूरे कर लिए हैं तथा सभी वादों को पूरा किया जाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की प्रतिमा अनावरण से नौजवानों को नई दिशा मिलेगी एवं आगामी पीढ़ी इससे प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।

सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के बलिदान एवं साहस का जिक्र करते हुए कहा कि उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

भाषा पृथ्वी धीरज

धीरज


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