देश में पदोन्नति में आरक्षण देने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य: गहलोत

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देश में पदोन्नति में आरक्षण देने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य: गहलोत

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  • Publish Date - November 25, 2022 / 08:45 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:16 PM IST

जयपुर, 25 नवंबर (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि देश में पदोन्नति में आरक्षण देने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के जीवन संघर्षों से समाज को प्रेरणा मिलती है।

वे जयपुर में राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अंधकारमय रहता है और समाज के उत्थान में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में पदोन्नति में आरक्षण देने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य है। विभिन्न कठिनाइयों का सामना करते हुए और लंबी कानूनी लड़ाई लड़कर राज्य सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण जारी रखा है ताकि वंचित तबके के कर्मियों को पदोन्नत होने के अवसर मिलें और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

गहलोत के अनुसार दुनियाभर के देशों में भारत के संविधान की एक अलग पहचान है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने संविधान में सभी देशवासियों के लिए समानता का अधिकार निहित किया। महिलाओं को संविधान लागू होने के साथ ही मतदान का अधिकार मिला, जबकि अन्य लोकतंत्रों में इसमें काफी समय लगा।

उन्होंने कहा कि संविधान से ऐतिहासिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण का अधिकार मिला। छुआछूत जो मानवता के नाम पर एक कलंक है, जैसी बुराई को संविधान में अपराध घोषित किया गया। आज 75 साल बाद भी देश में संवैधानिक व्यवस्था कायम है और ये हमारे देश में लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर के जीवन संघर्षों से समाज को प्रेरणा मिलती है। दक्षिण अफ्रीका में नस्लभेद झेलने के बाद गांधीजी ने सत्य और अंहिसा के बल पर देश को आजादी दिलाई। समाज में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का कल्याण गांधी जी का ध्येय था।

डॉ. आंबेडकर ने विभिन्न सामाजिक भेदभावों का सामना कर शिक्षा हासिल की और देश के संविधान की रचना की। आज देश के लिए डॉ. आंबेडकर के योगदानों को सभी राजनीतिक दलों के द्वारा स्वीकार किया गया है।

वहीं राज्य सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की घोषणा का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा,’‘ भारतीय जनता पार्टी ओपीएस के खिलाफ है, यह मुझे कहते हुए संकोच नहीं है। मेरे पास इसका प्रमाण भी है। ये घबराए हुए हैं। इनका केंद्रीय नेतृत्व तैयार नहीं है इसे करने के लिए है। छत्तीसगढ़ ने कर दिया, पंजाब को करना पड़ा, झारखंड ने भी कर दिया बाकी राज्यों को आज नहीं तो कल, इसे लागू करना ही पड़ेगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से राजस्थान सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों से राज्य में एक नई खेल संस्कृति विकसित हुई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना लागू किए जाने से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में अपने भविष्य को लेकर सुरक्षा की भावना आई है।

इस मौके पर सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली, विधायक रूपाराम मेघवाल भी मौजूद थे।

भाषा पृथ्वी कुंज

संतोष

संतोष