राजस्थान: जवाई तेंदुआ अभयारण्य में सुबह छह से शाम सात बजे तक सफारी की अनुमति

राजस्थान: जवाई तेंदुआ अभयारण्य में सुबह छह से शाम सात बजे तक सफारी की अनुमति

राजस्थान: जवाई तेंदुआ अभयारण्य में सुबह छह से शाम सात बजे तक सफारी की अनुमति
Modified Date: March 29, 2026 / 12:17 pm IST
Published Date: March 29, 2026 12:17 pm IST

जयपुर, 29 मार्च (भाषा) राजस्थान उच्च न्यायालय ने पाली जिले के जवाई तेंदुआ अभयराण्य में रात के समय सफारी और ड्रोन के उपयोग पर रोक लगा दी और अनियंत्रित पर्यटन गतिविधियों से वन्यजीवों को होने वाली परेशानियों पर चिंता व्यक्त की।

न्यायमूर्ति संदीप शाह और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंडपीठ ने स्थानीय निवासी अपूर्व अग्रावत द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया और राज्य सरकार को सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी तरह की सफारी गतिविधि न करने की हिदायत दी।

अदालत ने कहा कि ऐसी समय-सीमाएं रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में भी लागू हैं और यह विशेषकर रात के समय तनाव और व्यवधान को कम करने के लिए आवश्यक हैं। खंडपीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वन्यजीवों को खोजने या देखने के लिए टॉर्च, सर्चलाइट, स्पॉटलाइट, ड्रोन या अन्य तरह के उपकरणों का उपयोग सख्ती से प्रतिबंधित किया जाए क्योंकि ये जानवरों के प्राकृतिक व्यवहार और आवास में हस्तक्षेप करते हैं।

अदालत ने साथ ही वन्यजीवों को परेशान करने जैसी अनुचित गतिविधियां पाये जाने पर तत्काल कानून के तहत दंडात्मक व नियामक कार्रवाई करने का भी आदेश दिया।

अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 48ए और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 का हवाला देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा शासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भाषा बाकोलिया अमित जितेंद्र

जितेंद्र


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