राज्यसभा को अमेरिका की सीनेट की तर्ज पर पुनः परिकल्पित किया जाना चाहिए : कविता
राज्यसभा को अमेरिका की सीनेट की तर्ज पर पुनः परिकल्पित किया जाना चाहिए : कविता
हैदराबाद, दो मई (भाषा) तेलंगाना रक्षा सेना की संस्थापक के. कविता ने शनिवार को प्रस्ताव रखा कि राज्यसभा को अमेरिका की सीनेट की तर्ज पर पुनः परिकल्पित किया जाना चाहिए, ताकि राज्यों को प्रभावित करने वाले कानूनों के भाग्य का निर्धारण करने में उसे अधिक अधिकार मिलें।
कविता ने यह भी कहा कि परिसीमन के तहत सीटों की संख्या तय करने के लिए केंद्र को एक निश्चित जनसंख्या को मानक के रूप में अपनाना चाहिए, भले ही इस प्रक्रिया में कुछ राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाए।
हालांकि, ऐसे नुकसान की भरपाई हर राज्य को उसके आकार की परवाह किए बिना राज्यसभा में समान संख्या में सीटें देकर की जा सकती है।
“प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्व बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की उनकी आलोचना व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राजनीतिक है।
उन्होंने कहा, “परिसीमन में कुछ राज्यों को ज्यादा सीटें मिल सकती हैं और कुछ को कम—यह अलग बात है। लेकिन राज्यसभा को अमेरिकी सीनेट जैसी शक्तियां दी जानी चाहिए। हर राज्य के लिए राज्यसभा में प्रतिनिधियों की एक निश्चित संख्या होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “राज्यसभा को सीनेट के समान अधिकार दिए जाने चाहिए, जहां वित्त विधेयकों सहित सभी विधेयकों को उसके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। यदि राज्य सहमत न हों, तो विधेयक को रोक दिया जाना चाहिए। इस तरह राज्यों की शक्ति और महत्व के साथ-साथ उनकी राजनीतिक और वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।”
उनके अनुसार, सभी राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक राज्य के पास राज्यसभा में सीटों की निश्चित संख्या और मतदान अधिकार होने चाहिए।
भाषा रंजन वैभव
वैभव

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