अन्नाद्रमुक में दोबारा शामिल होने के लिए तैयार हूं: पन्नीरसेल्वम
अन्नाद्रमुक में दोबारा शामिल होने के लिए तैयार हूं: पन्नीरसेल्वम
पेरियाकुलम/सलेम (तमिलनाडु), 29 जनवरी (भाषा) आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से निष्कासित नेता ओ पन्नीरसेल्वम ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पार्टी में वापस लौटने को तैयार हैं, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी ई के पलानीस्वामी ने उनके अनुरोध को तुरंत ठुकरा दिया।
पन्नीरसेल्वम की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही पलानीस्वामी ने उन्हें पार्टी में फिर से शामिल करने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि अन्नाद्रमुक से उन्हें निष्कासित करने का सामूहिक निर्णय पार्टी की आम परिषद द्वारा लिया गया था, जो इसकी सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।
पन्नीरसेल्वम ने अन्नाद्रमुक वर्कर्स राइट्स रिट्रीवल कमेटी का गठन किया था और एक संयुक्त अन्नाद्रमुक के लिए पैरवी कर रहे थे। उन्होंने थेनी जिले के पेरियाकुलम में घोषणा की कि वह मूल संगठन में लौटने के इच्छुक हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने कहा, ‘‘मैं अन्नाद्रमुक में शामिल होने के लिए तैयार हूं। क्या टी टी वी दिनाकरन (एएमएमएके महासचिव) और पलानीस्वामी (स्वीकार करने के लिए) तैयार हैं?’
दिनाकरन को भी अन्नाद्रमुक से निष्कासित किया गया था। दिनाकरन ने पलानीस्वामी का विरोध किया था। उन्होंने 2018 में अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) का गठन किया था। हाल ही में दिनाकरन द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) को चुनाव में हराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में वापस आ गए हैं।
पन्नीरसेल्वम ने अपने पैतृक शहर पेरियाकुलम में अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद, पत्रकारों को बताया कि उनके द्वारा शुरू किए गए आंदोलन का उद्देश्य अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं के अधिकारों को पुनः प्राप्त करना था, जिसके लिए कानूनी लड़ाई चल रही है।
पलानीस्वामी ने पेरियाकुलम से लगभग 230 किलोमीटर दूर स्थित अपने गृह जिले सलेम में, एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों को बताया कि अन्नाद्रमुक की आम परिषद ने 2022 में पन्नीरसेल्वम को पार्टी से निष्कासित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया था।
अन्नाद्रमुक महासचिव ने कहा, ‘यह मेरा निर्णय नहीं था, बल्कि पार्टी की आम परिषद का सामूहिक निर्णय था, जिसमें 2,500 से अधिक सदस्य शामिल हैं। उन्हें पार्टी में पुनः शामिल करने की कोई संभावना नहीं है।’
पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘मैं यह बात लंबे समय से कहता आ रहा हूं। लेकिन वह पिछले चार सालों से इसी मुद्दे को दोहरा रहे हैं। उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से विश्वासघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए (2022 में) हटा दिया गया था।’’
भाषा
अमित नरेश
नरेश

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