मनरेगा की जगह नयी योजना लाना हिमाचल के हित में नहीं, केंद्र के समक्ष उठाएंगे मामला: सुक्खू
मनरेगा की जगह नयी योजना लाना हिमाचल के हित में नहीं, केंद्र के समक्ष उठाएंगे मामला: सुक्खू
शिमला, आठ जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि मनरेगा योजना को बंद करना और उसकी जगह ‘वीबी-जी-राम-जी’ योजना को लागू करना राज्य के हित में नहीं है और वह इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत केंद्र सरकार शत-प्रतिशत वित्तपोषण प्रदान करती थी, जबकि नयी योजना के तहत राज्य सरकार को खर्च का 10 प्रतिशत हिस्सा खुद वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के सीमित संसाधनों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
‘वीबी-जी राम जी’ (विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) एक केंद्रीय ग्रामीण रोजगार योजना है जो दो दशक पुरानी मनरेगा की जगह एक जुलाई से प्रभावी हुई है।
यह योजना आय सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रति पात्र ग्रामीण परिवार को सालाना 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम वाले रोजगार की गारंटी देती है।
सुक्खू ने यहां ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की एक विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए विभाग में खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है और आने वाले समय में और भर्तियां की जाएंगी।
विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा ताकि लाभार्थियों को समय पर लाभ मिलना सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव को प्रभावी ऑनलाइन निगरानी के लिए विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को ‘मुख्यमंत्री डैशबोर्ड’ से जोड़ने के भी निर्देश दिए।
भाषा सुमित रंजन
रंजन

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