राजस्थान में नदी प्रदूषण: न्यायालय ने कहा-अधिकारियों की ढिलाई से सार्वजनिक अवसंरचना को नुकसान हुआ
राजस्थान में नदी प्रदूषण: न्यायालय ने कहा-अधिकारियों की ढिलाई से सार्वजनिक अवसंरचना को नुकसान हुआ
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को राजस्थान की तीन नदियों के प्रदूषण से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अधिकारियों की ‘‘ढिलाई’’ के कारण सार्वजनिक अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचा है।
अदालत जोजारी नदी में प्रदूषण से संबंधित एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी। इसने राज्य में बांदी और लूणी नदियों में प्रदूषण के मुद्दे को भी उठाया था।
पिछले साल नवंबर में शीर्ष अदालत ने पारिस्थितिकी तंत्र में मौजूद मूलभूत खामियों का पता लगाने, आगे प्रदूषण को रोकने के लिए आवश्यक उपचारात्मक उपायों की निगरानी करने और पहले से हुए नुकसान को दूर करने के लिए दीर्घकालिक सुझाव देने के वास्ते एक उच्चस्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र निगरानी समिति का गठन किया था।
न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट दे दी है।
पीठ ने राजस्थान की ओर से पेश हुए वकील से कहा कि सरकार द्वारा समिति को आवश्यक सुविधा और सहायता प्रदान किए जाने के तरीके में गंभीर समस्याएं रहीं।
इसने कहा, ‘‘अधिकारियों की ढिलाई के कारण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और वह नष्ट हो गया है।’’
मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश

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