नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत बाजार से तय होती है और घरेलू मुद्रा के लिए कोई लक्ष्य या खास दायरा नहीं है।
उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा में कहा, ‘‘सरकार अहम आर्थिक पैमानों – जैसे विनिमय दर में बदलाव – और आर्थिक वृद्धि व वित्तीय स्थिरता पर उनके असर पर बारीकी से नज़र रखती है। इन मुद्दों पर सरकार के अलग-अलग स्तर पर कई मंचों पर चर्चा की जाती है।’’
मंगलवार को रुपया शुरुआती नुकसान से उबरकर 12 पैसे की बढ़त के साथ 96.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि रुपये की कीमत बाजार से तय होती है, इसका कोई लक्ष्य या खास स्तर या दायरा नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार पर लगातार नज़र रखता है और अधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति में हस्तक्षेप करता है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, रिजर्व बैंक दुनिया भर के उन प्रमुख घटनाक्रमों पर भी नज़र रखता है जिनका असर अमेरिकी डॉलर-रुपये की विनिमय दर पर पड़ सकता है।
विदेशी मुद्रा के प्रवाह को बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक ने कई कदम उठाए हैं, जिससे रुपये पर दबाव कम हो सकता है। फरवरी, 2026 में बाह्य वाणिज्यिक कर्ज (ईसीबी) ढांचे में संशोधन किए गए जिनमें पात्र उधारकर्ताओं और मान्यता प्राप्त ऋणदाताओं के क्षेत्र का विस्तार, कर्ज की सीमा को सुसंगत बनाना और औसत परिपक्वता अवधि से संबंधित ‘अंकुश’ शामिल हैं।
रिजर्व बैंक ने पांच जून को कई उपायों की घोषणा की ताकि विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाया जा सके। इनमें सेबी पंजीकरण के बिना शेयर बाजार में प्रवासी भारतीय (एनआरआई) और विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों (ओसीआई) के निवेश की सीमा बढ़ाना शामिल है।
भाषा अविनाश अजय
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