मलयालम नव वर्ष की शुरुआत के साथ शबरिमला मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला

मलयालम नव वर्ष की शुरुआत के साथ शबरिमला मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला

मलयालम नव वर्ष की शुरुआत के साथ शबरिमला मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला
Modified Date: August 17, 2026 / 09:42 am IST
Published Date: August 17, 2026 9:42 am IST

शबरिमला (केरल), 17 अगस्त (भाषा) ‘चिंगम’ महीने और मलयालम नव वर्ष की शुरुआत के अवसर पर सोमवार तड़के भक्तों के दर्शन के लिए शबरिमला में भगवान अयप्पा के प्रसिद्ध मंदिर के दरवाजे खोले गए जिसके बाद सैकड़ों श्रद्धालु वहां पहुंचे और भगवान के दर्शन किए।

मलयालम महीने ‘कर्किडाकम’ के आखिरी दिन यानी रविवार शाम को मंदिर के मुख्य पुजारी (मेलशांति) प्रसाद ई.डी. ने मंदिर के मुख्य तांत्रिक (प्रधान पुजारी) कंदारारु ब्रह्मदत्तन की मौजूदगी में पूजा-अर्चना की।

इसके बाद, ‘पथिनेट्टम पाडी’ (18 सीढ़ियों) के नीचे बनी ‘आझी’ (पवित्र अग्नि कुंड) में अग्नि प्रज्वलित की गई।

मलयालम नव वर्ष की पूर्व संध्या यानी रविवार शाम से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचने लगे थे।

शाम की पूजा के बाद मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए गए थे जिन्हें सोमवार सुबह पांच बजे दर्शन के लिए फिर से खोला गया।

शबरिमला में ‘उल्काझकम’ (जो पूजा और अन्य रस्मों में मेलशांति की मदद करते हैं) को चुनने के लिए लॉटरी भी ‘उषा पूजा’ (सुबह की पूजा) के बाद दिन में निकाली जाएगी।

चिंगम महीने की पूजा पूरी होने के बाद, 21 अगस्त को रात 10 बजे मंदिर बंद हो जाएगा। ओणम से जुड़ी पूजा के लिए यह 24 अगस्त को फिर से खुलेगा।

ओणम उत्सव का सबसे अहम दिन तिरुओणम इस साल 26 अगस्त को है।

चिंगम के दौरान शबरिमला जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं से आभासी कतार के लिए मंदिर की संबंधित वेबसाइट पर दर्शन के लिए अपने स्लॉट बुक कराने का अनुरोध किया गया है।

केरल राज्य सड़क परिवहन निगम ने चिंगम के दौरान शबरिमला जाने वाले अयप्पा भक्तों के लिए 16 से 28 अगस्त तक यात्रा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

भाषा सुरभि रंजन

रंजन


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