एससीबीए ने हैदराबाद में वरिष्ठ अधिवक्ता की ‘क्रूर हत्या’ की निंदा की

एससीबीए ने हैदराबाद में वरिष्ठ अधिवक्ता की ‘क्रूर हत्या’ की निंदा की

एससीबीए ने हैदराबाद में वरिष्ठ अधिवक्ता की ‘क्रूर हत्या’ की निंदा की
Modified Date: May 26, 2026 / 05:15 pm IST
Published Date: May 26, 2026 5:15 pm IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने हैदराबाद में वरिष्ठ अधिवक्ता ख्वाजा मोइजुद्दीन की ‘‘सुनियोजित, क्रूर और चौंकाने वाली हत्या’’ की निंदा की तथा दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए ‘‘निष्पक्ष, त्वरित और गहन जांच’’ की मांग की।

वरिष्ठ अधिवक्ता मोइज़ुद्दीन (63) की 23 मई को तब मुत्यु हो गई थी जब उन्हें कथित तौर पर अज्ञात हमलवारों ने एसयूवी से कुचल दिया था।

वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह की अध्यक्षता वाली एससीबीए ने एक बयान में कहा, ‘‘बार के एक सदस्य की मौत का कारण बनने वाला हमला केवल एक व्यक्ति के खिलाफ अपराध नहीं है, बल्कि न्याय की संस्था पर ही हमला है।’’

एससीबीए सचिव प्रज्ञा बघेल द्वारा हस्ताक्षरित प्रस्ताव में कहा गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता की मृत्यु ‘‘स्पष्ट रूप से सुनियोजित, क्रूर और चौंकाने वाली हत्या प्रतीत होती है’’।

बयान में कहा गया, ‘‘इस घटना ने विधि समुदाय को गहराई से झकझोर दिया है और अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा के संबंध में गंभीर चिंताएं पैदा की हैं… विधि पेशा न्याय वितरण प्रणाली का एक अनिवार्य स्तंभ है, और अधिवक्ताओं के खिलाफ हिंसा का कोई भी कृत्य कानून के शासन की नींव पर प्रहार करता है।’’

एसोसिएशन ने संबंधित अधिकारियों से ‘‘निष्पक्ष, त्वरित और गहन जांच करने तथा यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि अपराधियों को कानून के अनुसार जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाए।’’

हैदराबाद के मसाब टैंक क्षेत्र में 63 वर्षीय अधिवक्ता को उनके आवास के बाहर एक एसयूवी ने तब टक्कर मार दी थी जब वह अपनी कार में बैठने वाले थे।

पुलिस के अनुसार, मोइजुद्दीन को अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

मोइज़ुद्दीन के बेटे ने कहा कि उनके पिता कुछ व्यक्तियों द्वारा वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण एवं कब्ज़ा किए जाने के खिलाफ लड़ रहे थे, और इस घटना के पीछे उन्हीं लोगों का हाथ है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले उनके पिता पर पांच बार हमला करने की कोशिश की गई थी, और कथित वक्फ अतिक्रमणकारियों ने उनसे कहा था कि वह अपने पिता को मामले वापस लेने के लिए मनाएं।

पुलिस ने बताया था कि मोइज़ुद्दीन के बेटे की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

भाषा नेत्रपाल माधव

माधव


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