सेंथिल बालाजी ने ट्रांसफार्मर खरीद में अनियमितता के आरोपों को नकारा

सेंथिल बालाजी ने ट्रांसफार्मर खरीद में अनियमितता के आरोपों को नकारा

सेंथिल बालाजी ने ट्रांसफार्मर खरीद में अनियमितता के आरोपों को नकारा
Modified Date: April 29, 2026 / 04:44 pm IST
Published Date: April 29, 2026 4:44 pm IST

चेन्नई, 29 अप्रैल (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा ट्रांसफार्मर खरीद मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने के बाद द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन बिजली मंत्री सेंथिल बालाजी ने दावा किया कि निविदा प्रक्रिया में सभी नियमों का पालन किया गया था।

उच्च न्यायालय ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार द्वारा 45,000 ट्रांसफार्मर की खरीद में कथित अनियमितताओं की सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच का आदेश दिया। यह आदेश उन दावों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि 2021 से 2023 के बीच जब सेंथिल बालाजी बिजली मंत्री थे, सरकारी खजाने को 397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ट्रांसफार्मर खरीद में किसी भी गड़बड़ी से इनकार करते हुए द्रमुक नेता ने संवाददाताओं से कहा कि खरीद की प्रक्रिया 1987 से शुरू हुई थी और ‘अब तक उन्हीं प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।’

उन्होंने कहा कि एक निविदा प्रक्रिया में 20 से अधिक बोलीदाता भाग लेते हैं और कई बोलीदाता एक ही कीमत उद्धृत करते हैं।

बालाजी ने बताया कि निविदा को एक जांच समिति और बोर्ड पैनल द्वारा अंतिम रूप दिया जाता है, जिसके बाद खरीद का आदेश दिया जाता है।

पूर्व बिजली मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान भी इसी निविदा प्रक्रिया का पालन किया गया था, लेकिन एजेंसी ने मामला इस तरह दर्ज किया है जैसे पिछले चार-पांच वर्षों में ही अनियमितताएं हुई हों।

उन्होंने दावा किया, ‘अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है और इस स्तर पर सरकार को कोई नुकसान नहीं हुआ है।’

बालाजी ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि अन्नाद्रमुक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनिंदा तरीके से मामलों को संभाल रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस एजेंसी ने ट्रांसफार्मर खरीद के संबंध में अदालत में मामला दायर किया है, वह एक राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रही है।

भाषा सुमित रंजन

रंजन


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