नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) पश्चिम विहार में फर्जी क्रिप्टोकरेंसी सौदे का झांसा देकर एक कॉलेज छात्र को पिस्तौल के बल पर लूटने के आरोप में एक गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
शिकायतकर्ता, द्वारका के एक सरकारी कॉलेज में बी.टेक का छात्र है और उसे हाल में दो लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिली थी और उसने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने बताया कि उसने रियायती दरों पर यूएसडीटी उपलब्ध कराने वाले एक सोशल मीडिया अकाउंट से संपर्क किया और एक मुलाकात तय हुई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने फर्जी सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से यूएसडीटी (एक क्रिप्टोकरेंसी) के खरीदारों को निशाना बनाया, जो रियायती दरों पर डिजिटल मुद्रा की पेशकश करते थे और फिर व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान उन्हें लूट लेते थे।
पुलिस ने बताया कि 22 फरवरी को पश्चिम विहार पूर्व थाने में पश्चिम विहार पूर्व मेट्रो स्टेशन के पास पिस्तौल के दम पर 1.83 लाख रुपये की लूट के संबंध में सूचना मिली।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने कहा कि जब वह दो दोस्तों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा, तो आरोपियों में से एक कथित तौर पर उसकी कार में घुस गया और अपनी पिस्तौल निकाल ली।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके पांच से छह साथियों ने वाहन को घेर लिया, उससे 1.83 लाख रुपये लूट लिए और फिर फरार हो गए।
जांच के दौरान, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके बाद मंगलवार को नरेला, रोहिणी और सदर बाजार इलाकों से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्य आरोपी अमित जैन (31) ने विदेश में व्यापार में भारी नुकसान झेलने के बाद सोशल मीडिया पर कथित रूप से फर्जी पेज बनाए।
पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए 1.45 लाख रुपये नकद, तीन कारतूस, एक पिस्तौल, एक कार, एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटर, एक लैपटॉप और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश