ईद के नए कपड़े लेने झुग्गी में गई लेकिन जलने से हो गई मौत

ईद के नए कपड़े लेने झुग्गी में गई लेकिन जलने से हो गई मौत

ईद के नए कपड़े लेने झुग्गी में गई लेकिन जलने से हो गई मौत
Modified Date: March 5, 2026 / 09:40 pm IST
Published Date: March 5, 2026 9:40 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) ईद से करीब पखवाड़ा पहले, जब उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रिठाला की एक झुग्गी बस्ती में कई परिवार त्योहार के लिए कपड़े खरीदने और छोटी-मोटी तैयारियां करने में लगे थे, तभी बृहस्पतिवार तड़के लगी भीषण आग ने उनके घरों और सामान को जलाकर राख कर दिया। इस हादसे में दर्जनों प्रवासी परिवार बेघर हो गए और एक किशोरी की मौत हो गई।

सत्रह वर्षीय रोजिना खातून आग लगने के समय बाहर निकल आई थी, लेकिन कुछ ही पलों बाद वह ईद के लिए खरीदे गए अपने नए कपड़ों को निकालने के लिए वापस अपनी झुग्गी के अंदर गई जहां उसकी मौत हो गई।

उसकी चाची जरीना बीबी ने बताया, ‘जब आग लगी तो वह पहले बाहर आई थी, लेकिन फिर अपने नए कपड़े लाने के लिए वापस अंदर चली गई।’

उन्होंने कहा कि उसने ईद के लिए नए कपड़े खरीदे थे और उसने हमसे यह कहते हुए दूर जाने को कहा कि वह कपड़े लेकर तुरंत वापस आ जाएगी।

लोगों ने बताया कि आग कुछ ही मिनटों में फैल गई, जिससे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। लकड़ी, प्लास्टिक की चादरों और कपड़ों से बनी घनी झुग्गियों के बीच लपटें तेजी से फैलीं।

पिछले तीन दशकों से इस बस्ती में रह रही एक महिला ने बताया, ‘किसी ने चिल्लाकर आग लगने की सूचना दी और देखते ही देखते यह इतनी भीषण हो गई कि सब कुछ तबाह हो गया।’

उसने अपनी झुग्गी वाली जगह की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘सब जल गया। हम यहां 30 साल से रह रहे हैं, लेकिन पहली बार ऐसा कुछ हुआ है।’

घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने लड़की की जान बचाने की कोशिश की थी, लेकिन आग के तेजी से फैलने के कारण वह असफल रहा। उसने कहा कि उसने लड़की को बचाने के लिए अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन दूसरों ने उसे रोक दिया। उसने बताया कि जब बचावकर्मियों ने उसका शव बाहर निकाला तो वह पूरी तरह झुलस चुका था।

कई निवासियों ने कहा कि करीब 200 से 250 झुग्गियां जलकर नष्ट हो गई हैं। उनका आरोप है कि जमीन को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह आग जानबूझकर लगाई गई होगी। हालांकि अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

कबाड़ का काम करने वाले अब्दुल के लिए बरसों की जमा-पूंजी रातों-रात खत्म हो गई।

उन्होंने कहा, ‘अब सिर्फ ये पेन बचे हैं जो आप देख रहे हैं। फ्रिज, टीवी और बाकी सब कुछ जल गया है।’

निवासियों ने बताया कि एक स्थानीय अधिकारी खाद्य सामग्री लेकर आए थे। एक निवासी ने कहा, ‘एसडीएम खाना लेकर आए थे, लेकिन हमें नहीं पता कि यह मदद कब तक मिलेगी।’

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली अग्निशमन सेवा को सुबह करीब 4.15 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की 18 से अधिक गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। आग पर सुबह करीब 6.30 बजे तक काबू पा लिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कहा है कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता लगाया जाना बाकी है।

भाषा नोमान

नोमान नरेश

नरेश


लेखक के बारे में