बारामूला से निर्दलीय सदस्य शेख ने एक माह का वेतन ईरान को दान करने की घोषणा की

बारामूला से निर्दलीय सदस्य शेख ने एक माह का वेतन ईरान को दान करने की घोषणा की

बारामूला से निर्दलीय सदस्य शेख ने एक माह का वेतन ईरान को दान करने की घोषणा की
Modified Date: March 24, 2026 / 04:34 pm IST
Published Date: March 24, 2026 4:34 pm IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के बारामूला संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय सांसद अब्दुल रशीद शेख ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अपने एक महीने का वेतन ईरान के उस स्कूल को दान करेंगे जिस पर हमले में 100 से अधिक बच्चियों की मौत हो गई थी।

शेख ने लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए ईरान और अमेरिका-इजराइल के युद्ध का जिक्र किया और कहा कि सरकार को इस समय ईरान के साथ खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में ईरान की मदद के लिए चंदा जमा किया गया है।

शेख ने कहा कि वह भी अपने एक महीने की पगार ईरान के उस स्कूल के लिए देंगे जहां 100 से अधिक बच्चियों की मौत हमले में हो गई थी।

उन्होंने कहा कि सरकार को सिंधु नदी समझौते को रद्द करने की याद तब आई जब पहलगाम में हमला हो गया। शेख ने कहा कि समझौते को रद्द करने से पहले इसके कारण कश्मीर को हुए नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।

निर्दलीय सदस्य ने सरकार से यह मांग भी की कि राष्ट्रीय स्तर पर और राज्यस्तर पर ऐसे आयोग बनाए जाएं जो पिछले 50 सालों में नेताओं, पुलिस अधिकारियों, नौकरशाहों आदि द्वारा अर्जित संपत्तियों का आकलन करे और यदि बेनामी संपत्ति पाई जाती है तो पता लगाया जाए कि यह कहां से हासिल की गई।

उन्होंने जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग भी दोहराई।

समाजवादी पार्टी (सपा) की इकरा चौधरी ने भी पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान ईरान का समर्थन करने की जरूरत बताते हुए कहा कि इस युद्ध में भारत एशिया का सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला देश है।

उन्होंने कहा, ‘‘ईरान जैसे पुराने मित्र को कठिन समय में हम समर्थन नहीं कर सके और आज एलपीजी के लिए (उससे) बार-बार अनुरोध करना पड़ रहा है।’’

सपा सांसद ने कहा कि सरकार बजट के आकार को बड़ा बता रही है, लेकिन गरीबों के लिए व्यय का आकार लगातार सिकुड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि बजट का एक-चौथाई हिस्सा ब्याज भुगतान में ही चला जाता है और बजट आकार से आम आदमी को कोई लाभ नहीं मिलता।

चर्चा में भाग लेते हुए निर्दलीय सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने देश में

गरीब वर्गों के छात्रों के लिए निशुल्क कोचिंग का प्रावधान करने और सभी स्थानों पर महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जाने की मांग की।

कांग्रेस के सागर खंड्रे ने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक में केंद्र की हिस्सेदारी बढ़ाने का अनुरोध किया।

आम आदमी पार्टी के मालविंदर सिंह कंग ने वित्त विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार ने कॉर्पोरेट का लाखों करोड़ रुपये का कर्जा माफ किया, लेकिन किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

भाषा

वैभव हक

हक


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