केरल में वायनाड के स्कूल के दो छात्रों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि, सरकार ने सतर्कता बढ़ाई

केरल में वायनाड के स्कूल के दो छात्रों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि, सरकार ने सतर्कता बढ़ाई

केरल में वायनाड के स्कूल के दो छात्रों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि, सरकार ने सतर्कता बढ़ाई
Modified Date: June 8, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: June 8, 2026 9:57 pm IST

वायनाड, आठ जून (भाषा) केरल में वायनाड के मार बेसेलियोस एयूपी स्कूल के दो छात्रों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई है। केरल के मंत्री टी. सिद्दीकी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

राज्य के कृषि मंत्री और कल्पेट्टा से विधायक सिद्दीकी ने संवाददाताओं से कहा कि स्थिति का आकलन करने और बीमारी के संभावित प्रसार को रोकने के उपायों की समीक्षा के लिए मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संक्रमित बच्चों के संपर्क में आए लोगों के लिए एहतियाती परामर्श जारी किया है।

शिगेला या शिगेलोसिस एक जीवाणुजनित संक्रमण है, जो पाचन तंत्र, विशेष रूप से आंतों को प्रभावित करता है। यह शिगेला नामक जीवाणुओं के समूह से होता है। यह जीवाणु दूषित भोजन या पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है और दस्त का कारण बनता है।

यह अत्यधिक संक्रामक रोग है और छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों तक सभी को प्रभावित कर सकता है।

सिद्दीकी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री मंगलवार को जिले का दौरा कर स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करेंगे और जमीनी स्तर पर किए जा रहे उपायों की समीक्षा करेंगे।

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने त्रिशूर में संवाददाताओं से कहा कि वर्तमान में 25 छात्र सुल्तान बथेरी तालुक अस्पताल में भर्ती हैं और उनमें से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता के लिए कोझिकोड से एक चिकित्सा दल वायनाड भेजा गया है।

मंत्री ने कहा, “कुछ छात्रों का निजी अस्पतालों में भी इलाज चल रहा है। स्कूल में लगभग 800 छात्र हैं।”

उन्होंने बताया कि अस्पतालों से छुट्टी पा चुके छात्रों की भी निगरानी की जा रही है।

मुरलीधरन ने कहा, “फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन इस बीमारी को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पूरे राज्य में निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।”

उन्होंने कहा कि शिगेला मुख्य रूप से दूषित पानी और स्वच्छता का ध्यान नहीं रखने के कारण फैलता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। सभी जिलों के चिकित्सा अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्वच्छ परिस्थितियों में यह रोग फैल सकता है।”

उन्होंने कहा कि शिगेला संक्रमण मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है।

मुरलीधरन ने कहा, “शिगेला संक्रमण के लक्षण वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। दवाओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।”

हाल ही में कोझिकोड में चार वर्षीय एक बच्चे की शिगेला संक्रमण से मृत्यु हो गई थी।

वायनाड और कोझिकोड के अलावा अलाप्पुझा और पत्तनमथिट्टा जिलों में भी शिगेला संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

वायनाड के जिलाधिकारी और जिला चिकित्सा अधिकारी ने सोमवार को स्थिति की समीक्षा और रोकथाम उपायों के समन्वय के लिए बैठक की।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने सोमवार को राज्य सरकार से शिगेला संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए युद्धस्तर पर त्वरित कदम उठाने का आग्रह किया।

विजयन ने एक बयान में कहा कि विभिन्न जिलों से शिगेला संक्रमण के मामले सामने आने के कारण विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को मिलकर बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए रोकथाम संबंधी उपाय करना चाहिए।

विजयन ने सरकार से पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता एवं सफाई अभियान को तेज करने की भी मांग की।

भाषा रवि कांत रवि कांत धीरज

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