शिवकुमार बताएं केआरएस बांध से तमिलनाडु के लिए अब तक कावेरी का कितना जल छोड़ा गया: भाजपा

शिवकुमार बताएं केआरएस बांध से तमिलनाडु के लिए अब तक कावेरी का कितना जल छोड़ा गया: भाजपा

शिवकुमार बताएं केआरएस बांध से तमिलनाडु के लिए अब तक कावेरी का कितना जल छोड़ा गया: भाजपा
Modified Date: July 3, 2026 / 03:22 pm IST
Published Date: July 3, 2026 3:22 pm IST

बेंगलुरु, तीन जुलाई (भाषा) कर्नाटक में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध से तमिलनाडु को अब तक दिये गये कावेरी के जल की जानकारी देने की मांग की।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. विजय जोसेफ के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के बीच राजनीतिक गठबंधन के कारण केआरएस से पानी छोड़ा गया।

तमिलनाडु में टीवीके की सरकार में कांग्रेस भी शामिल है।

विजयेंद्र ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में देश में कम वर्षा के पूर्वानुमान के मद्देनजर राज्य के किसानों से फसल बोने से पहले अपने विवेक का इस्तेमाल करने की मुख्यमंत्री शिवकुमार की सलाह की आलोचना की।

मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक के किसानों से अपील की थी कि वे बुवाई करने से पहले एक बार फिर विचार करें, क्योंकि केंद्र सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि कमजोर मानसून के कारण देश में कम वर्षा होने की संभावना है।

विजयेंद्र ने कहा, “ मुख्यमंत्री को आज राज्य के किसानों को यह बताना चाहिए कि पिछले दो महीनों में केआरएस, अलमट्टी और नारायणपुर जलाशयों से कितना पानी छोड़ा गया है।”

भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी वर्षा को लेकर चिंताजनक तस्वीर पेश की है और कहा कि मुख्यमंत्री को किसानों को बुवाई न करने की सलाह देने के बजाय उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जलाशयों में पानी का संरक्षण करना चाहिए।

विजयेंद्र ने पूछा कि क्या शिवकुमार ने महाराष्ट्र के अपने समकक्ष से बात की और वहां से कर्नाटक के लिए पानी छोड़े जाने को लेकर कोई व्यवस्था की।

उन्होंने आरोप लगाया, “इनमें से कुछ भी किए बिना आपने अपनी इच्छा के अनुसार हमारे जलाशयों से पानी छोड़ दिया। चूंकि तमिलनाडु में आपकी गठबंधन सरकार सत्ता में है, इसलिए आप कांग्रेस आलाकमान को खुश रखना और अपने गठबंधन सहयोगी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते थे। पानी छोड़ते समय आपको यह एहसास नहीं हुआ कि सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।”

भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को अचानक रातोंरात यह एहसास हुआ कि सूखे का पूर्वानुमान है और अब वह लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, “अगर राज्य की सत्ता की बागडोर ऐसे व्यक्ति के हाथ में होगी जिसकी चिंता केवल रियल एस्टेट को लेकर है, तो राज्य का भविष्य भी ऐसा ही होगा।”

विजयेंद्र ने कहा कि केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा बल्कि मुख्यमंत्री को यह सोचना चाहिए कि किसानों की सुरक्षा और हितों की रक्षा कैसे की जाए।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश


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