सिंधिया ने त्रिपुरा में रखी माताबारी पर्यटन परिपथ की आधारशिला
सिंधिया ने त्रिपुरा में रखी माताबारी पर्यटन परिपथ की आधारशिला
अगरतला, 25 जनवरी (भाषा) पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को त्रिपुरा के धलाई जिले के नारिकेल कुंजा में 450 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘माताबारी पर्यटन परिपथ’ की आधारशिला रखी।
इस परियोजना के तहत, गोमती जिले में मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर एवं छबीमुरा, सिपाहीजाला जिले में स्थित नीरमहल एवं सिपाहीजाला वन्यजीव अभयारण्य और धलाई जिले में स्थित डंबूर – इन पांच पर्यटन स्थलों का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि माताबारी पर्यटन परिपथ के शुरू होने से रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं 48 द्वीपों वाली डंबूर झील की सुंदरता से अभिभूत हूं। ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने डंबूर झील को भरपूर आशीर्वाद दिया हो। मैं घरेलू और विदेशी पर्यटकों से आग्रह करता हूं कि वे इस स्थान की यात्रा करें और स्वर्ग में होने का अनुभव करें।’’
त्रिपुरा के पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शिलान्यास समारोह के दौरान उपस्थित थे।
जहां माताबारी 51 ‘शक्ति पीठों’ में से एक है, वहीं चाबीमुरा को भारत का मिनी अमेज़न कहा जाता है और नीरमहल पूर्वी भारत का एकमात्र झील महल है।
बाद में मीडिया से बातचीत में सिंधिया ने कहा कि त्रिपुरा की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान उन्होंने सौर माइक्रो ग्रिड से लेकर पर्यटन, अगरवुड उद्योग और स्वास्थ्य सेवा तक विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 950 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अनावरण किया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि ‘अष्टलक्ष्मी’ देश के विकास का केंद्र बने। हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं।’’ पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को अक्सर ‘अष्टलक्ष्मी’ कहा जाता है।
भाषा शोभना प्रशांत
प्रशांत


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