सिद्धरमैया ने फोन टैपिंग के आरोपों को खारिज किया, कहा : असंतुष्ट लोगों के हताश बयान

सिद्धरमैया ने फोन टैपिंग के आरोपों को खारिज किया, कहा : असंतुष्ट लोगों के हताश बयान

सिद्धरमैया ने फोन टैपिंग के आरोपों को खारिज किया, कहा : असंतुष्ट लोगों के हताश बयान
Modified Date: March 3, 2026 / 08:07 pm IST
Published Date: March 3, 2026 8:07 pm IST

बेंगलुरु, तीन मार्च (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के खेमे की जासूसी के लिए फोन टैपिंग के विपक्ष के आरोपों को मंगलवार को खारिज करते हुए उन्हें ‘‘असंतुष्ट लोगों के हताश बयान’’ बताया।

सिद्धरमैया ने अपने और शिवकुमार के बीच दरार पैदा करने की कोशिशों को खारिज करते हुए कहा कि उनका रिश्ता मजबूत बना हुआ है और वह ऐसे आरोपों से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने अपने रिश्ते को आत्मीय बताया।

विपक्षी भाजपा और जद (एस) नेताओं द्वारा लगाए गए ये आरोप मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान के बीच आए हैं।

सिद्धरमैया ने एक बयान में कहा, ‘‘…यह असंतुष्ट लोगों के हताश बयान हैं। इस बार हमारी पार्टी के सत्ता में आने के बाद, ये बेरोजगार विपक्षी नेता शिवकुमार और मेरे बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इन दोनों को पता होना चाहिए कि इससे उनके बीच की कड़वाहट शायद कम हो जाए, लेकिन हमारे रिश्ते पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, जो आत्मीय है।’’

उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों में से एक राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और दूसरे उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में भी खुफिया विभाग मुख्यमंत्री के पास था।

सिद्धरमैया ने कहा, “अगर उनके बयानों को देखें तो ऐसा लगता है कि दोनों ही अपने अनुभव के आधार पर ये आरोप लगा रहे हैं।’’

शिवकुमार के खेमे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सिद्धरमैया द्वारा सरकारी खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल करने की खबरों के बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासन के पूर्ण राजनीतिकरण का आरोप लगाया।

अशोक ने कहा कि कर्नाटक को शासन की जरूरत है, न कि निगरानी से जुड़ी राजनीति की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए सरकारी खुफिया एजेंसियों का दुरुपयोग बंद करना चाहिए।

जद (एस) नेता और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने भी दावा किया कि खुफिया एजेंसियों के जरिए सत्ताधारी दल के विधायकों और नेताओं के बारे में बड़े पैमाने पर जानकारी जुटाई जा रही है।

सिद्धरमैया ने कहा कि कांग्रेस आंतरिक लोकतंत्र वाली पार्टी है और कांग्रेस न तो भाजपा है, जो प्रधानमंत्री के सामने कांपती है, और न ही जद (एस) है, जो एक ही परिवार द्वारा चलाई जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे विधायकों में से कोई भी शिवकुमार या मेरा समर्थक नहीं है… वे कांग्रेस पार्टी के समर्थक हैं। उन्हें पार्टी अनुशासन के दायरे में रहकर अपनी राय व्यक्त करने और साथ में भोजन (रात का खाना) करने की पूरी स्वतंत्रता है। कोई भी विधायक कुछ भी कहे, अंततः हम सभी, जिनमें शिवकुमार और मैं भी शामिल हैं, पार्टी के आलाकमान के आदेशों का पालन करेंगे। हम दोनों सौ बार यह बात कह चुके हैं। यही परम सत्य है।’’

भाषा अविनाश नरेश

नरेश


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