सिख गुरु विवाद: दिल्ली के अध्यक्ष ने पंजाब सरकार पर फाइल रोके रखने का आरोप लगाया

सिख गुरु विवाद: दिल्ली के अध्यक्ष ने पंजाब सरकार पर फाइल रोके रखने का आरोप लगाया

सिख गुरु विवाद: दिल्ली के अध्यक्ष ने पंजाब सरकार पर फाइल रोके रखने का आरोप लगाया
Modified Date: January 30, 2026 / 04:34 pm IST
Published Date: January 30, 2026 4:34 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब सरकार ने सिख गुरुओं के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में राज्य पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के ब्योरे से जुड़ी एक फाइल रोक रखी है।

अध्यक्ष के लगाए आरोपों पर ‘आप’ ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

गुप्ता ने यहां संवाददाताओं से कहा कि विधानसभा सिख गुरुओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी और सच सामने आना चाहिए।

उन्होंने इस महीने की शुरुआत में शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं का कथित रूप से अपमान किए जाने को लेकर पंजाब सरकार के रवैये पर ‘‘गहरी चिंता’’ जताई।

गुप्ता ने कहा कि संबंधित फाइल को लगातार रोके रखना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक न तो प्राथमिकी की प्रति दी गई है, न ही शिकायत साझा की गई है और न ही कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘यह स्थिति साजिश की आशंका पैदा करती है। इस मामले में दिखाई दे रही चुप्पी और बार-बार की जा रही देरी से संकेत मिलता है कि तथ्यों को छिपाने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है। इस मामले के संबंध सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़े प्रतीत होते हैं जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।’’

विधानसभा की विशेषाधिकार समिति छह जनवरी को गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक चर्चा के दौरान हुई कथित घटना की जांच कर रही है।

आतिशी ने समिति को दिए अपने जवाब में इस आरोप का खंडन किया है और घटना वाले दिन की सदन की कार्यवाही की बिना संपादित वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की है।

गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा किसी भी हाल में इस मामले को हल्के में नहीं लेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल प्रशासनिक या राजनीतिक मुद्दा नहीं है, यह गुरुओं के सम्मान, गरिमा और उनसे जुड़ी आस्था से सीधे तौर पर जुड़ा है। इतने संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या असंवेदनशीलता पूरी तरह अस्वीकार्य है।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए कथित वीडियो के आधार पर पंजाब पुलिस ने जालंधर में एक प्राथमिकी दर्ज की थी।

पंजाब पुलिस के अनुसार, क्लिप की फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर पता चला कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई थी। हालांकि, विजेंद्र गुप्ता के निर्देश पर क्लिप की जांच करने वाली दिल्ली की एक फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने इसे असली पाया।

दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से जवाब मांगा है और उस शिकायत की प्रतियां भी मांगी हैं जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अलावा प्राथमिकी और फोरेंसिक रिपोर्ट की प्रतियां भी मांगी गई हैं।

भाषा सिम्मी नरेश

नरेश


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