सिक्किम को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित किया गया
सिक्किम को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित किया गया
गंगटोक, 27 मई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में बुधवार को सिक्किम को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित किया गया।
केंद्र सरकार की उल्लास (समाज में सभी के लिए आजीवन शिक्षा की समझ) पहल के तहत मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने गंगटोक के मानन केंद्र स्थित सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में यह घोषणा की।
राज्य सरकार और सिक्किम की जनता को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने इस उपलब्धि को शिक्षा के माध्यम से समावेशी विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री तमांग ने भी इस उपलब्धि की सराहना की और राज्य की जनता को बधाई दी।
उन्होंने कहा, “उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) के तहत सिक्किम राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित किए जाने के ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर पर सिक्किम की जनता को हार्दिक बधाई।”
तमांग ने इस विकास को सिक्किम की शैक्षिक और सामाजिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया और कहा कि यह ज्ञान, सम्मान और सशक्तिकरण की प्राप्ति में किसी भी वयस्क नागरिक को पीछे न छूटने देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, “दूरदराज के गांवों से लेकर हर ब्लॉक और ग्राम पंचायत तक, यह मिशन समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ सिक्किम के हर कोने तक पहुंचा है।”
तमांग ने कहा कि यह उपलब्धि सभी आयु वर्ग के शिक्षार्थियों के उत्साह और लगन के कारण संभव हुई है, जिनमें से कई ने अपने जीवन में पहली बार पढ़ना-लिखना सीखा है।
उन्होंने कहा, “उनका दृढ़ संकल्प ‘साक्षर सिक्किम’ की सच्ची भावना को दर्शाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए आशा और प्रेरणा का स्रोत है।”
भाषा
राखी माधव
माधव

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