एसआईआर: बंगाल में बीएलओ से जुड़ी आत्महत्या, हिंसा की घटनाओं पर भाजपा का टीएमसी पर निशाना

एसआईआर: बंगाल में बीएलओ से जुड़ी आत्महत्या, हिंसा की घटनाओं पर भाजपा का टीएमसी पर निशाना

एसआईआर: बंगाल में बीएलओ से जुड़ी आत्महत्या, हिंसा की घटनाओं पर भाजपा का टीएमसी पर निशाना
Modified Date: January 17, 2026 / 10:06 pm IST
Published Date: January 17, 2026 10:06 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) भाजपा ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बीएलओ से जुड़ी आत्महत्या और हिंसा की घटनाओं में राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी की भूमिका है।

भाजपा ने विभिन्न राज्यों में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

भाजपा ने इन संवाददाता सम्मेलनों में पंजाब केसरी समाचारपत्र समूह पर पुलिस की छापेमारी को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भी हमला बोला।

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इसने सुंदरता को बलात्कार से जोड़ने वाली मध्यप्रदेश के एक विधायक की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर भी हमला बोला और कहा कि प्रियंका गांधी वाद्रा को संबंधित जनप्रतिनिधि को अपनी पार्टी से निष्कासित करने की मांग उठानी चाहिए।

ये संवाददाता सम्मेलन उस दिन किए गए जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा में एक जनसभा के दौरान घुसपैठ और जनसांख्यिकीय परिवर्तन को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि राज्य में ‘‘घुसपैठियों तथा सत्ताधारी पार्टी के बीच गठबंधन’’ है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘यादवपुर विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) अशोक दास ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे थे। लेकिन तृणमूल कार्यकर्ताओं की लगातार धमकियों के कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली। कार्यकर्ताओं ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर मतदाता सूची से किसी भी घुसपैठिए का नाम हटाया गया तो उन्हें, उनकी पत्नी और बेटी को मार दिया जाएगा।’’

उन्होंने बीएलओ की आत्महत्या को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस द्वारा की गई ‘‘राजनीतिक हत्या’’ करार दिया और लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से दास की मौत का बदला लेने की शपथ लेने का आह्वान किया।

पात्रा ने कहा, ‘‘आज बंगाल में चुनाव अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं। उन पर इतना दबाव डाला जा रहा है कि वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बीडीओ और उनके कार्यालयों पर हमले इस तरह आयोजित किए जा रहे हैं, जैसे वे दुश्मन के इलाके में हों।’’

पात्रा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में लगभग 300 लोगों ने एक बीडीओ के कार्यालय पर हमला किया और आगजनी की घटना को अंजाम दिया, जिसमें 20 लाख रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ‘‘जब मुर्शिदाबाद के फरक्का में एक अन्य बीडीओ के कार्यालय पर हमला हुआ, तो तृणमूल विधायक मोनिरुल इस्लाम वहां मौजूद थे, लेकिन घटना के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में उनके नाम का उल्लेख नहीं किया गया।’’

पात्रा ने पश्चिम बंगाल की स्थिति की तुलना 1905 में अंग्रेजों द्वारा किए गए बंगाल विभाजन ‘बंग भंग’ से करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर को रोकने और बांग्लादेशी तथा रोहिंग्या घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए हिंसा भड़काकर राज्य को भारत से अलग करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने लोगों से ‘‘जागने’’ और इसके खिलाफ एकजुट होने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को एकजुट रखने के लिए हमें एकजुट रहना होगा। ‘एक’ हैं तो ‘सेफ’ हैं।’’

पात्रा ने पंजाब केसरी समाचारपत्र समूह के कार्यालय पर पंजाब पुलिस की छापेमारी को ‘‘लोकतंत्र विरोधी’’ करार दिया और मीडियाकर्मियों से इस घटना का विरोध करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल कभी नहीं बदल सकते। दिल्ली के शीशमहल से निकलने के बाद अब वह पंजाब के हवामहल में रह रहे हैं… केजरीवाल के इशारे पर अखबार के खिलाफ कार्रवाई की गई।’’

सुंदरता को बलात्कार से जोड़ने वाली मध्यप्रदेश के विधायक फूल सिंह बरैया की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर कांग्रेस को निशाना बनाते हुए पात्रा ने पार्टी से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

बरैया ने एक मीडिया प्रतिष्ठान को दिए गए साक्षात्कार के दौरान यह भी दावा किया कि ‘‘कुछ जातियों’’ की महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों को कुछ धर्मग्रंथों से प्रोत्साहन मिलता है, जो इसे ‘‘तीर्थ फल’’ के रूप में वर्णित करते हैं।

पात्रा ने उनकी टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि प्रियंका गांधी वाद्रा इस मुद्दे पर बयान देंगी और अपनी मां (सोनिया गांधी) से मिलकर विधायक को पार्टी से निष्कासित करने की मांग करेंगी।’’

भाषा नेत्रपाल दिलीप

दिलीप


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