मलप्पुरम (केरल), एक अगस्त (भाषा) केरल के राजस्व मंत्री ए.पी. अनिलकुमार ने शनिवार को कहा कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सरकार भूस्खलन, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अनिलकुमार ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और एहतियातन अधिकारियों को उच्च जोखिम इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने जरूरत के अनुसार राहत शिविर स्थापित किए हैं। अगर बारिश की तीव्रता कम भी होती है, तो भी एहतियाती उपाय के तौर पर उच्च जोखिम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शिविरों में भेजा जाएगा।’’
मंत्री ने कहा कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिणी जिलों में दोपहर के आसपास बारिश में कमी आने की संभावना है, हालांकि उत्तरी केरल में भारी बारिश जारी रह सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह से बारिश मुख्य रूप से उत्तरी जिलों में सीमित रहने की संभावना है। ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है। सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।’’
अनिलकुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के निर्देशों पर नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब को इडुक्की और कोट्टायम के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने मंत्री अनूप जैकब को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का निर्देश दिया। कोट्टायम जिला प्रशासन के अनुरोध के बाद, तुरंत राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को तैनात करने के निर्देश भी जारी किए गए।’’
मंत्री ने कहा कि सरकार ने पांच दिन तक लगातार बारिश के संबंध में दो दिन पहले जारी चेतावनी के बाद से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं।
उन्होंने कहा कि मलप्पुरम सहित कई जिलों से भूस्खलन और यातायात बाधित होने की सूचना मिली है, जहां कुडूर नूराडी पुल के पास मलबे का ढेर गिर गया।
उन्होंने कहा, ‘‘सड़क से मलबा साफ करके यातायात बहाल कर दिया गया है। विभिन्न जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि जहां भी सड़कें बंद हों, वहां से मलबा तुरंत हटाया जाए ताकि यातायात बिना किसी देरी के फिर से शुरू हो सके।’’
हताहतों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि इडुक्की जिले में दो मौतों की पुष्टि हुई है।
भाषा खारी संतोष
संतोष