एसजेएम विवेकानन्द जयंती के अवसर पर ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’ का आयोजन करेगा
एसजेएम विवेकानन्द जयंती के अवसर पर ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’ का आयोजन करेगा
नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा)स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम)स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’ का आयोजन करेगा।
स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध एसजेएम ने नागरिकों से राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में भाग लेने और ‘‘भारतीय सोचें, भारतीय उत्पादन करें और भारतीय उपभोग करें’’ का संकल्प लेने तथा एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
एसजेएम के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘12 जनवरी को विवेकानंद जयंती के अवसर पर, स्वदेशी जागरण मंच पूरे देश में ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’ का आयोजन कर रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस पवित्र अवसर पर, स्वदेशी जागरण मंच भारत के लोगों, हमारे युवाओं, महिलाओं, छात्रों, श्रमिकों, किसानों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, पेशेवरों और समाज के अन्य वर्गों से स्वदेशी मार्ग अपनाकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए अपने सामूहिक संकल्प को नवीकृत करने की अपील करता है।’’
महाजन ने कहा कि स्वदेशी केवल पुराना नारा नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता है क्योंकि भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा रखता है।
उन्होंने कहा कि विदेशी देशों पर अत्यधिक निर्भरता से ‘सच्चा विकास’ नहीं हो सकता। महाजन ने कहा कि भारत स्वदेशी मार्ग पर चलकर ही 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन सकता है।
एसजेएम पदाधिकारी ने कहा, ‘‘विवेकनंद जयंती के इस अवसर पर, आइए हम संकल्प लें: भारतीय सोच रखें, भारतीय उत्पादन करें, भारतीय उपभोग करें और एक मजबूत, आत्मनिर्भर और दयालु भारत का निर्माण करें।’’
उन्होंने कहा कि उभरते भू-राजनीतिक घटनाक्रम में युद्ध, संघर्ष, व्यापार युद्ध, शुल्क और ‘सबसे बढ़कर’ मूल्य शृंखलाओं में व्यवधान के साथ-साथ वैश्विक मूल्य शृंखलाओं, महत्वपूर्ण खनिजों और भुगतान प्रणालियों का ‘हथियार के तौर पर इस्तेमाल’ शामिल है और इसलिए स्वदेशी पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक बन जाता है।
महाजन ने कहा, ‘‘स्वदेशी के मार्ग पर चलकर हमें स्वामी विवेकानंद को न केवल शब्दों से, बल्कि कार्यों से भी सम्मान देना चाहिए।’’
उन्होंने देश भर में ‘ स्वदेशी संकल्प दौड़’ का आयोजन करने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों को परिपत्र जारी करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को धन्यवाद दिया।
महाजन ने कहा, ‘‘भारत सरकार के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ अभियान से जोड़कर देश भर में विद्यालय स्तर पर इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एक पत्र जारी किया है।’’
भाषा धीरज नरेश
नरेश

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