सामाजिक कार्यकर्ता वटल नागराज ने 13 अगस्त को कर्नाटक बंद की घोषणा की, कई संगठन पीछे हटे
सामाजिक कार्यकर्ता वटल नागराज ने 13 अगस्त को कर्नाटक बंद की घोषणा की, कई संगठन पीछे हटे
बेंगलुरु, 12 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु को 12,000 घन फुट प्रति सेकंड (क्यूसेक) पानी छोड़ने के कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के निर्देश के खिलाफ बृहस्पतिवार को आहूत कर्नाटक बंद को लेकर कन्नड़ संगठनों के संघ में मतभेद की जानकारी मिली है।
संघ के अध्यक्ष वटल नागराज अपने रुख पर अड़े हुए हैं। वहीं, संघ से जुड़े कई अन्य संगठनों ने बंद का समर्थन न करने की बात कहकर अपना समर्थन वापस ले लिया है।
हालांकि, उन्होंने नागराज के संघर्ष को नैतिक समर्थन देने की बात कही है।
कर्नाटक रक्षना वेदिके के एक गुट के प्रमुख प्रवीण शेट्टी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम वटल नागराज के संघर्ष का समर्थन करते हैं, लेकिन कल की परिस्थितियों में हम बंद का समर्थन करने की स्थिति में नहीं हैं।’’
राज्य परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) और कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के कर्मचारी संघ ने बंद का समर्थन नहीं किया है।
सूत्रों के मुताबिक, निजी बस संघ, ट्रांसपोर्टर और ऑटो-रिक्शा संघों ने भी बंद से खुद को अलग कर लिया है।
इसी तरह, रेहड़ी-पटरी दुकानदार पहले की तरह ही अपना काम करते रहेंगे, क्योंकि सभी लोग केवल नैतिक समर्थन दे रहे हैं। सरकारी और निजी स्कूल भी पहले की तरह ही संचालित होंगे।
हालांकि, रायथा हितरक्षण समिति और कुछ अन्य किसान संगठनों ने बंद को अपना समर्थन दिया है।
रायथा हितरक्षण समिति की सुनंदा ने कहा कि उनका संगठन बंद का समर्थन करता है, क्योंकि कर्नाटक के साथ अन्याय हुआ है।
भाषा संतोष पारुल
पारुल

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