संकटग्रस्त प्रजातियों की पहचान और उन्हें अधिसूचित करने के लिए एसओपी जारी
संकटग्रस्त प्रजातियों की पहचान और उन्हें अधिसूचित करने के लिए एसओपी जारी
नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने शुक्रवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा संकटग्रस्त प्रजातियों की पहचान, मूल्यांकन व उन्हें अधिसूचित किये जाने को लेकर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की।
पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि यह एसओपी उपलब्ध सर्वोत्तम वैज्ञानिक प्रमाणों, क्षेत्रीय आकलनों और पारंपरिक ज्ञान के उपयोग को बढ़ावा देती है।
एक अधिकारी ने बताया, “यह स्थानीय समुदायों, जैव विविधता प्रबंधन समितियों, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, शैक्षणिक संस्थानों और विषय विशेषज्ञों की भागीदारी भी सुनिश्चित करती है।”
इसके अलावा, एसओपी में अधिसूचना जारी होने के बाद प्रजातियों के पुनर्वास और संरक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
साथ ही, संरक्षण के परिणामों और उभरते खतरों का आकलन करने के लिए नियमित निगरानी व समय-समय पर समीक्षा का भी प्रावधान किया गया है।
अब तक मंत्रालय 17 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों से संबंधित 159 वनस्पति प्रजातियों व 173 पशु प्रजातियों को संकटग्रस्त प्रजातियों के रूप में अधिसूचित कर चुका है।
अधिकारी ने बताया, “इस एसओपी का जारी होना जैव विविधता के संरक्षण और प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाने की दिशा में भारत की एक अन्य बड़ी उपलब्धि है। ”
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष

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