एसएससी ने चयन के बाद रिक्त पदों की संख्या कम करने के लिए नयी व्यवस्था का प्रस्ताव किया
एसएससी ने चयन के बाद रिक्त पदों की संख्या कम करने के लिए नयी व्यवस्था का प्रस्ताव किया
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने अभ्यर्थियों के चयन के बाद रिक्त पदों की संख्या कम करने के लिए एक नयी व्यवस्था का प्रस्ताव किया है।
हाल में जारी एक नोटिस में कहा गया है कि प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य एसएससी की किसी भी परीक्षा के जरिये अधिकतम रिक्त पदों को भरना, अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और योग्यता-आधारित अवसर प्रदान करना और परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों के कारण रिक्त रहे पदों की संख्या को कम करना है।
एसएससी ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अप्रयुक्त रिक्तियों के पुनर्आवंटन की एक ही प्रक्रिया स्थापित करना है।
एसएससी केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में भर्ती के लिए बड़े पैमाने पर परीक्षाएं आयोजित करता है।
आयोग ने कहा कि यह देखा गया है कि हर साल बड़ी संख्या में पद रिक्त रह जाते हैं क्योंकि अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होते या चयन के बाद संबंधित विभागों में शामिल नहीं होते।
इसने कहा कि ‘‘यह संभव नहीं है कि एसएससी कोई प्रतीक्षा सूची रखे।’’
आयोग ने कहा कि इसलिए, इन रिक्त पदों की जानकारी अगली परीक्षा के लिए पुनः देनी होती है।
नोटिस में कहा गया है कि इन चुनौतियों से निपटने और योग्य अभ्यर्थियों के लिए घोषित रिक्तियों को सर्वोत्तम रूप से भरे जाना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एसएससी ने सफल अभ्यर्थियों को पदों और विभागों के आवंटन के लिए एक ‘स्लाइडिंग’ व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव किया है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, अभ्यर्थियों द्वारा फॉर्म में भरे गए विकल्पों के आधार पर, वर्तमान प्रक्रिया का पालन करते हुए, प्रथम चरण का अस्थायी आवंटन (एफआरटीए) किया जाएगा।
प्रथम चरण में अस्थायी आवंटन की पुष्टि के लिए, अभ्यर्थियों को एसएससी के क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय जाना होगा और आधार कार्ड प्रमाणीकरण के माध्यम से पहचान सत्यापन पूरा करना होगा।
बाद में, अभ्यर्थियों को ‘स्थिर’ या ‘अस्थिर’ विकल्प चुनना होगा।
स्थिर विकल्प का अर्थ है कि अभ्यर्थी ने पहले दौर में अस्थायी रूप से आवंटित पद को अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया है और ‘अपग्रेडेशन’ के लिए आगे कोई विचार नहीं किया जाएगा। अस्थिर विकल्प का अर्थ है कि अभ्यर्थी उच्च वरीयता वाले पद का विचार करने को इच्छुक है, बशर्ते कि ऐसी रिक्तियां उपलब्ध हों।
भाषा सुभाष प्रशांत
प्रशांत

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